रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार से दो दिन के लेह-श्रीनगर दौरे पर हैं। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाणे भी हैं। चीन से चल रहे सीमा विवाद के बीच इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। 

नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार से दो दिन के लेह-श्रीनगर दौरे पर हैं। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवाणे भी हैं। चीन से चल रहे सीमा विवाद के बीच इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। इससे पहले 3 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सेना प्रमुख के साथ लेह का दौरा किया था। 

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रक्षा मंत्री ने सीमा पर फॉरवर्ड इलाकों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा, दुनिया की कोई भी शक्ति भारत की एक इंच भी जमीन नहीं ले सकता। राजनाथ सिंह ने कहा, इस समय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर चल रहा है। जो अब तक प्रगति हुई है बातचीत की मामला हल होना चाहिए। यह कहां तक हल होगा इस संबंध में कोई गारंटी नहीं ले सकता। 

भारत ने कभी किसी देश पर आक्रमण नहीं किया- राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा- भारत दुनिया का इकलौता देश है, जिसने सारे विश्व को शांति का संदेश दिया है। हमने किसी भी देश पर कभी आक्रमण नहीं किया है और न ही किसी देश की जमीन पर हमने कब्जा किया। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा, हम अशांति नहीं चाहते हम शांति चाहते हैं। हमारा चरित्र रहा है कि हमने किसी भी देश के स्वाभिमान पर चोट मारने की कभी कोशिश नहीं की है। भारत के स्वाभिमान पर यदि चोट पहुंचाने की कोशिश की गई तो हम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और मुंहतोड़ जवाब देंगे।


सेना ने दिखाई शक्ति
रक्षा मंत्री शुक्रवार सुबह लेह पहुंचे। यहां लेह के स्टाकना में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की मौजूदगी में भारतीय सेना ने पैरा ड्रापिंग का अभ्यास किया। इसके अलावा राजनाथ सिंह ने सेना के हथियारों का भी मुआयना किया।

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सेना ने दिखाई ताकत, रक्षा मंत्री के सामने किया युद्धाभ्यास

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विवादित पैंगोंग झील का भी करेंगे दौरा
राजनाथ सिंह पैंगोंग झील के पास लुकुंग पोस्ट का भी दौरा करेंगे। यह फिंगर 4 से 43 किमी की दूरी पर है। यहां भारत और चीन की सनाएं विवाद के बाद अब पीछे हट रही हैं।

पीएम ने दिया था चीन को कड़ा संदेश
इससे पहले 3 जुलाई को पीएम मोदी ने अचानक लेह का दौरा किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने जवानों का हौसला अफजाई भी की थी। साथ ही इशारों इशारों में चीन पर निशाना भी साधा। पीएम मोदी ने चीन की हरकतों पर तंज कसते हुए कहा था, विस्तारवाद का जमाना चला गया, अब विकासवाद का समय है। उन्होंने कहा, विस्तारवादी सोच वाली ताकतें मिट जाती हैं।

पूरी दुनिया को भारत की ताकत दिखाई
पीएम ने कहा था, अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है, उसने पूरी दुनिया में ये संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है। उन्होंने कहा, मैं गलवान घाटी में शहीद हुए सैनिकों को आज फिर से श्रद्धांजलि देता हूं। उनके पराक्रम, उनके सिंहनाद से धरती अब भी, उनका जयकारा कर रही है।

पिछले 2 महीने से जारी है दोनों देशों के बीच विवाद
भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले 2 महीने से विवाद चल रहा है। 15 जून को गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया। दरअसल, इस हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे, वहीं चीन के 40 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, अब दोनों सेनाएं अपनी पूर्व की स्थितियों पर लौट रही हैं।