दिल्ली के उपराज्यपाल के ऑफिस ने शनिवार को राज्य सरकार को 47 फाइलें लौटा दी हैं। एलजी सचिवालय द्वारा जिन फाइलों को लौटाया गया है उनमें शिक्षा विभाग और वक्फ बोर्ड के साथ अन्य विभागों की फाइलें हैं। 

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल के ऑफिस ने शनिवार को राज्य सरकार को 47 फाइलें लौटा दी हैं। इन फाइलों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जगह उनके ऑफिस स्टाफ ने साइन किया था। एलजी के इस फैसले से राज्य सरकार और उपराज्यपाल के बीच जारी गतिरोध के और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। 

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एलजी ऑफिस के सूत्रों के अनुसार एलजी सचिवालय द्वारा जिन फाइलों को लौटाया गया है उनमें शिक्षा विभाग और वक्फ बोर्ड के साथ अन्य विभागों की फाइलें हैं। मुख्यमंत्री ऑफिस द्वारा ऐसी फाइलें भेजी गईं, जिसपर मुख्यमंत्री के साइन नहीं थे। एलजी ने कई बार इस मुद्दे को उठाया है। 

एलजी ऑफिस के सूत्र के अनुसार मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर के बिना भेजे गए कुछ फाइलों को सीएमओ को वापस कर दिया गया। वहीं, कुछ ऐसे फाइल भी लौटाए गए, जो पहले ही एलजी कार्यालय को मिल गए थे। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना 22 अगस्त को पत्र लिखकर दिल्ली के सीएम के सामने यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने इस बात पर बल दिया था कि सीएम ऑफिस से भेजी जाने वाली फाइलों पर मुख्यमंत्री का साइन होना चाहिए। 

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लागू हो ई-ऑफिस प्रणाली 
एलजी ने कहा था कि हाल के महीनों में नियमित रूप से सीएमओ द्वारा संयुक्त सचिव या अतिरिक्त सचिव के माध्यम से एलजी की मंजूरी या राय के लिए प्रस्ताव भेजे गए। इनपर यह टिप्पणी की गई थी कि सीएम ने फाइल को देखा है और स्वीकृत किया है, लेकिन उसपर सीएम का साइन नहीं होता। एलजी ने मुख्यमंत्री से अधिकांश सरकारी कार्यालयों में लागू ई-ऑफिस प्रणाली शुरू करने के लिए भी कहा था ताकि फाइलों की निर्बाध आवाजाही को सक्षम बनाया जा सके।

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