नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना संकट से निपटने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के 62 दिनों बाद 25 मई से घरेलू उड़ानों की शुरुआत होगी। आज बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा- सभी एयरपोर्ट्स और एयरलाइन कंपनियों को 25 मई से ऑपरेशंस शुरू करने के बारे में बताया जा रहा है। मंत्रालय पैसेंजर मूवमेंट के लिए अलग से स्टैंडिंग ऑपरेटिंग प्रोसिजर्स जारी करेगा।

25 मार्च से सभी उड़ानों पर लगी है रोक 

देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 23 मार्च और घरेलू उड़ानें 25 मार्च से बंद हैं। उड्डयन मंत्रालय ने पिछले दिनों कंपनियों को टिकटों की बुकिंग नहीं करने के लिए कहा था। लॉकडाउन फेज-4 में उड़ानों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

इंटरनेशनल उड़ानें अभी भी रहेंगी बंद

देश के करीब 20 हवाईअड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मिलती हैं। इन एयरपोर्ट्स से 55 देशों के 80 शहरों तक पहुंच सकते हैं। दुनिया के कई देश कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी रखना जरूरी है। स्टेटिस्टा के मुताबिक, भारत में 2019 में करीब 7 करोड़ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर किया। वहीं, देश में हर महीने औसतन 1.3 करोड़ और सालाना 14 करोड़ यात्री घरेलू उड़ानों में सफर करते हैं।

एयरलाइंस ने शुरू कर दी बुकिंग

बता दें कि सरकार की तरफ से इसको लेकर अभी निर्देश जारी किया गया है। हालांकि कई एयरलाइंस ने 1 जून से हवाई टिकट की बुकिंग शुरू कर दी है। एयरलाइंस पहले भी ऐसा कर चुकी हैं। लॉकडाउन के चौथे चरण में भी प्लेन, ट्रेन, मेट्रो के संचालन पर पूरी तरह से पाबंदी है। लेकिन अब इसे धीरे-धीरे खोला जा रहा है। 

एक हफ्ते पहले जारी किया गया था SOP

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 13 मई को सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया था। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने एयरलाइंस से कहा है कि उड़ानें शुरू होने के पहले फेज में 80 साल से ऊपर के व्यक्ति को यात्रा की इजाजत ना दी जाए। एसओपी में कहा गया कि शुरुआती चरण में केबिन में बैग ले जाने की इजाजत ना दी जाए। अगर किसी यात्री या स्टाफ में संक्रमण का कोई लक्षण दिखाई दे रहा है और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन सिग्नल नहीं आ रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

लक्षण दिखें तो यात्रा की अनुमति नहीं 

यात्री अपने साथ केवल एक 20 किलो का बैग ले जा सकेगा। अगर किसी भी यात्री में संक्रमण का कोई लक्षण दिखेगा तो उसे यात्रा की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। ऐप में ग्रीन सिग्नल मिलने पर ही यात्रा करने दी जाएगी। फ्लाइट में सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगी। हालांकि, इसके लिए दो सीटों के बीच एक सीट खाली रखने की बात अभी ड्राफ्ट में स्पष्ट नहीं है।  

लाइन लगाते समय भी दूरी रखनी होगी। ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना होगी। केवल वेब चेक-इन होगा। बहुत जरूरत पड़ने पर ही प्रिंटेड बोर्डिंग पास और चेक-इन बैगेज दिए जाएंगे। यात्रियों को मास्क, ग्लव्स, जूते, पीपीई किट आदि पहनना होगा। यात्रा के समय से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंचना होगा।  फ्लाइट में आगे की तीन सीट मेडिकल इमरजेंसी वाले यात्रियों के लिए आरक्षित की जाए।