पूर्व सीएम ने कहा कि आरवीएम से चुनाव प्रणाली पर से लोगों का भरोसा कम हो सकता है। आरवीएम के दुरुपयोग की चिंताओं को कैसे आयोग दूर करेगा। रिमोट इलेक्ट्रानिक मशीन के दुरुपयोग को लेकर चुनाव आयोग की क्या रणनीति है यह भी उसने स्पष्ट नहीं किया है।

Opposition concerned on RVM: इलेक्शन कमीशन के रिमोट इलेक्ट्रानिंग वोटिंग मशीन के प्रस्ताव का कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने विरोध किया है। रविवार को विपक्षी दलों ने आरवीएम का विरोध करने के लिए एकजुटता का प्रदर्शन किया। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि आयोग का प्रस्ताव पूरी तरह से अस्पष्ट है। उसके पास को ठोस रणनीति नहीं है। विपक्ष पूरी तरह से इन प्रस्ताव के खिलाफ है। यह प्रस्ताव चुनावी धांधली को बढ़ाएगा, प्रवासी मजदूरों की परिभाषा के बारे में भी स्पष्टता की कमी साफ तौर पर दिख रही है।

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विपक्षी दलों ने मीटिंग कर विरोध करने का लिया फैसला

चुनाव आयोग के रिमोट इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन यानी आरवीएम के प्रस्ताव को विपक्ष ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आयोग का तर्क है कि इससे प्रवासी मजदूरों को अपने मूल क्षेत्र में वोट देने के लिए वापस नहीं जाना पड़ेगा। जबकि विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव को संदिग्ध और अस्पष्ट बताया है। रविवार को कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों जनता दल (यूनाइटेड), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), नेशनल कॉन्फ्रेंस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मीटिंग किया और इस प्रस्ताव का विरोध करने का निर्णय लिया। हालांकि, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मीटिंग में नहीं भाग लिया लेकिन इन लोगों ने विपक्ष के साथ अपनी एकजुटता का संदेश दिया है। 

आरवीएम प्रस्ताव को लेकर क्या है चुनाव आयोग का तर्क?

चुनाव आयोग ने रिमोट इलेक्ट्रानिक मशीन के प्रस्ताव के बारे में बताया कि प्रवासी मतदाताओं के लिए एक रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का एक प्रोटोटाइप विकसित किया है। इससे वोटर्स की भागीदारी बढ़ेगी। अगर इसे लागू किया जाता है तो प्रवासी मतदाताओं को वोट डालने के लिए अपने गृह जिलों की यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी। वह जहां हैं वहीं पर वोट कर सकेंगे।

विपक्ष को है यह चिंताएं...

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरवीएम का प्रस्ताव महत्वपूर्ण राजनीतिक चिंताओं को उठाता है, जिसमें प्रवासी मजदूरों की परिभाषा के बारे में स्पष्टता की कमी भी शामिल है। प्रवासी मजदूरों की परिभाषा अभी तक आयोग ने स्पष्ट नहीं किया है। आरवीएम के दुरुपयोग की चिंताओं को कैसे आयोग दूर करेगा। रिमोट इलेक्ट्रानिक मशीन के दुरुपयोग को लेकर चुनाव आयोग की क्या रणनीति है यह भी उसने स्पष्ट नहीं किया है। पूर्व सीएम ने कहा कि आरवीएम से चुनाव प्रणाली पर से लोगों का भरोसा कम हो सकता है।

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