नई दिल्ली. कृषि कानूनों को लेकर सरकार की मुश्किल कम होती नजर नहीं आ रही है। अब किसानों ने सरकार की उस पेशकश को भी ठुकरा दिया है, जिसमें कृषि कानूनों पर डेढ़ साल के लिए रोक लगाने की बात कही थी। किसानों का कहना है कि उन्हें कृषि कानूनों की वापसी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।

सरकार और किसानों के बीच बुधवार को 11वें दौर की बातचीत हुई थी। इस दौरान सरकार ने कृषि कानूनों पर डेढ़ साल तक रोक लगाने के प्रस्ताव की पेशकश की। इस बार गुरुवार को हुई किसान संगठनों की बैठक में फैसला लिया गया। 

किसानों ने दोहराई अपनी मांग
टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसमें किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। किसानों ने एक बार फिर कृषि कानूनों को वापस लेने और फसलों की एमएसपी पर कानूनी गारंटी मिलने की मांग दोहराई। 

बैठक के बाद किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां  ने कहा, जब तक सरकार कानूनों को वापस नहीं लेती, कोई प्रस्ताव नहीं माना जाएगा। 22 जनवरी को किसानों और सरकार के बीच अगले दौर की बैठक होनी है। इसमें किसान अपना पक्ष रखेंगे।  

सरकार ने रखे थे दो प्रस्ताव
इससे पहले बुधवार को बैठक में सरकार ने किसानों के सामने दो प्रस्ताव रखे थे। केंद्र ने कहा था कि सरकार डेढ़ साल तक कृषि कानून लागू नहीं करेगी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी हलफनामा पेश करेगी। इसके अलावा एमएसपी पर बातचीत के लिए कमेटी बनाई जाएगी।