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बालाकोट से संदेश साफ था, तुम कहीं भी छिपो, हम तुम तक जरूर पहुंचेंगे: पूर्व वायुसेना प्रमुख धनोआ

यहां पंजाब सरकार की ओर से किए गए मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में शनिवार को ‘अंडरस्टैंडिंग द मैसेज ऑफ बालाकोट’ विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान पूर्व वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर तमाम खुलासे किए। 

former air chief B S Dhanoa says Balakot was to tell Pak there will be cost for terror attacks KPP
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Chandigarh, First Published Dec 15, 2019, 1:20 PM IST
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चंडीगढ़. यहां पंजाब सरकार की ओर से किए गए मिलिट्री लिटरेचर फेस्टिवल में शनिवार को ‘अंडरस्टैंडिंग द मैसेज ऑफ बालाकोट’ विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान पूर्व वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर तमाम खुलासे किए। 

धनोआ ने बताया कि बालाकोट एयरस्ट्राइक का मकसद साफ था। हमें पाक सरकार और वहां के आतंकी संगठनों को यह संदेश देना था कि भारत पर हमले की कीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी। 

'हम उन तक पहुंचेंगे'
पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा, 14 फरवरी को जब पुलवामा में हमला हुआ तो पाकिस्तान को यह डर सताने लगा था कि भारत इसका जवाब देगा। लेकिन उस वक्त सवाल दो थे, कि कब और कहां? उन्होंने कहा कि हमने फैसला किया कि हम बालाकोट में आतंकी संगठन जैश के ट्रेनिंग कैंपों पर हमला करेंगे। इस मामले में सरकार और राजनीतिक इच्छा शक्ति भी साफ थी कि पाकिस्तान और आतंकी संगठनों को ये मैसेज जाए कि भारत पर हमले की उन्हें कीमत चुकानी पड़ेगी। फिर चाहें वे पाकिस्तान या पीओके कभी भी हों। हम उन तक पहुंचेंगे। 

'तकनीक सबसे ज्यादा मायने रखती है'
धनोआ ने कहा, 26 फरवरी को जब हमने बालाकोट एयरस्ट्राइक की। अगले दिन पाकिस्तानी विमान हमारी सीमा में घुसे, हमारे एयरक्राफ्ट आमने सामने आए। हालांकि, हम उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाए। लेकिन एक सीख मिली कि छोटे युद्ध में तकनीक कितनी मायने रखती है। वे (पिछली सरकारें) 10 साल तक एयरक्राफ्ट (राफेल) के लिए बातचीत ही करते रह गए? उन्होंने कहा कि अगर हमारे कमांडर अभिनंदन के पास राफेल होता तो क्या होता? स्थिति कुछ और होती। 

'बालाकोट से पाकिस्तान को साफ संदेश गया'
धनोआ ने भारत सरकार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि 1993 के मुंबई धमाकों और 2008 के आतंकी हमले के बाद भारत ने कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की। लेकिन उरी हमलों के बाद भारतीय सेना ने PoK में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड तबाह किए। और अब बालाकोट किया। इससे पाकिस्तान को यह संदेश मिल गया कि ये सरकार बड़े हमले का जवाब देना सैन्य तरीके से जानती है। 

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