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मुफ्ती ने क्यों कहा- आज लोकतंत्र का काला दिन; जानें क्यों शाह की एक बात पर चिल्ला पड़े आजाद

गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प पेश किया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। विपक्ष ने भाजपा के संकल्प का विरोध किया। पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़े। 

Ghulam Azad and Mehbooba Mufti attacked on bjp on scrap Article 370
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New Delhi, First Published Aug 5, 2019, 12:18 PM IST
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नई दिल्ली. गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने का संकल्प पेश किया। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। विपक्ष ने भाजपा के संकल्प का विरोध किया। पीडीपी सांसदों ने अपने कपड़े फाड़े। चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हम भारतीय संविधान के साथ खड़े हैं। हम अपनी जान देकर भारत के संविधान को बचाएंगे। लेकिन आज भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या कर दी।

उधर, भाजपा के संकल्प पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी गुस्सा निकला। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा। आज का दिन भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन माना जाएगा। 1947 में जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने 2 देशों के सिद्धांत को नकार दिया था। भारत सरकार की धारा 370 को रद्द करने का एक तरफा निर्णय गैरकानूनी और असंवैधानिक है जो भारत को जम्मू-कश्मीर में एक व्यावसायिक शक्ति बना देगा।

महबूबा ने ट्वीट किया कि उपमहाद्वीप के लिए इसके भयावह परिणाम होंगे। भारत सरकार के इरादे स्पष्ट हैं। वे यहां के लोगों को भयभीत कर जम्मू-कश्मीर का इलाका चाहते हैं। भारत कश्मीर पर अपने वादे निभाने में नाकाम रहा।

अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त है
अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्राप्त है। इसके तहत केंद्र सरकार रक्षा, विदेश और संचार जैसे अहम विषयों को छोड़कर राज्य के बाकी मामलों में दखल नहीं दे सकती। कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने का संकल्प पहले संसद से पारित होगा, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अनुच्छेद 370 कश्मीर से निष्प्रभावी हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर के लोगों को विशेषाधिकार देने वाला अनुच्छेद 35-ए भी अनुच्छेद 370 के अधीन ही आता है।

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