एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक संसद में पेश होने में देरी। सोमवार के एजेंडे से हटाया गया, इस सप्ताह के अंत में पेश होने की संभावना। विपक्ष कर रहा है विरोध।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोकसभा में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' (One Nation, One Election) से संबंधित विधेयकों को पेश करने में देर करने का फैसला किया है। रविवार को लोकसभा की संशोधित कार्यसूची जारी की गई।

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शुक्रवार को जारी की गई कार्यसूची के अनुसार दो विधेयकों संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को पहले सोमवार (16 दिसंबर) को पेश किया जाना था। बदलाव के बाद अब इन विधेयकों को सोमवार के एजेंडे से हटा दिया गया है।

अनुपूरक मांगों को पहले पास कराना चाहती है सरकार

अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इन विधेयकों को पेश करने में देर क्यों की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये विधेयक इस सप्ताह के अंत में लोकसभा में पेश किए जा सकते हैं। इससे पहले वित्तीय कार्य पूरा करने पर ध्यान दिया गया है। इनमें अनुदानों की अनुपूरक मांगों के पहले बैच का पारित होना शामिल है। सोमवार को इसपर चर्चा होगी।

बता दें कि सोमवार के कार्यक्रम से एक राष्ट्र, एक चुनाव संबंधी विधेयक हटाए जाने के बाद भी सरकार के पास अध्यक्ष की अनुमति से 'अनुपूरक कार्य सूची' के माध्यम से विधायी प्रस्ताव लाने का विकल्प बचा हुआ है। एक देश, एक चुनाव विधेयक पास होने के बाद देश में सभी चुनाव एक साथ कराए जाने का रास्ता खुलेगा। पहले फेज में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इसके बाद निकाये चुनाव भी साथ कराए जाएंगे। दोनों विधेयकों को संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार पिछले सप्ताह सांसदों के बीच बांटा गया है। संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हुआ था। यह 20 दिसंबर को समाप्त होगा।

विपक्षी पार्टियों द्वारा एक देश, एक चुनाव का विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे सत्ताधारी पार्टी को लाभ होगा। लोकसभा में पेश किए जाने के बाद इस विधेयक के और अधिक विचार-विमर्श के लिए जेपीसी के पास भेजे जाने की उम्मीद है।

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