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सरकारी बंगलों में ऐश काट रहे पूर्व सांसदों पर नकेल,अब इस नए नियम के तहत खाली करना पड़ेगा घर

सरकारी बंगला खाली नहीं कर रहे पूर्व सांसदों के घर पुलिस कराएगी खाली। 'पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत' करना पड़ेगा घर खाली।
 

government officials to empty their government residence due to public premises act
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New Delhi, First Published Oct 7, 2019, 7:57 PM IST
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नई दिल्ली: आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने लुटियन दिल्ली स्थित सरकारी बंगले खाली नहीं कर रहे पूर्व सांसदों के घर पुलिस की मदद से जबरन खाली कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मंत्रालय के संपदा विभाग ने सरकारी आवास के आवंटन की पात्रता नहीं रखने वालों से आवास सख्ती से खाली कराने के लिए हाल ही में संशोधित पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत सोमवार को सख्ती से बेदखली की कार्रवाई शुरू की। इसके तहत पूर्व सांसद हरि मांझी के नॉर्थ एवेन्यू स्थित आवास सहित तीन आवंटियों के घर को पुलिस की मदद से बुधवार को खाली कराने का आदेश जारी किया गया है।

नोटिस भेजने के बावजूद नहीं खाली किए बंगले

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि आवास खाली करने के नोटिस का तीन दिन में पालन नहीं करने या इसका उचित कारण नहीं बताने पर संशोधित कानून के तहत पुलिस द्वारा उक्त संपत्ति को सख्ती से खाली कराया जाएगा। अभी तक 40 पूर्व सांसदों को बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद उन्होंने सरकारी बंगले खाली नहीं किए हैं। मांझी, पिछली लोकसभा में बिहार के गया से सांसद थे। उन्हें नॉर्थ एवेन्यू में 124 एवं 126 नंबर बंगला आवंटित किया गया था। 

बंगला खाली नहीं करने पर ‘कारण बताओ नोटिस’

उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सरकारी बंगला खाली नहीं करने वाले 50 पूर्व सांसदों को संपदा विभाग द्वारा ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर तीन दिन में बंगला खाली करने या इसका जवाब देने का निर्देश दिया गया था। इनमें पूर्व सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, कमलनाथ और सपा की डिंपल यादव सहित दस पूर्व सांसदों ने बंगले खाली कर दिए हैं।

'पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट ' के तहत होगी कार्रवाई

मंत्रालय ने सख्त प्रावधानों वाले सार्वजनिक परिसर अधिनियम या पब्लिक प्रेमिसेस एक्ट के तहत 230 पूर्व सांसदों के सरकारी बंगले खाली कराने की कार्रवाई शुरू की थी। नए कानून की सख्ती के बाद पूर्व सांसद कामेश्वर सिंह ने भी सरकारी आवास छोड़ दिया है। लोकसभा के 1967 में सदस्य रहे सिंह, बतौर अतिथि, साउथ एवेन्यू स्थित बंगले में रह रहे थे। उन्होंने अधिक उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण मंत्रालय से बंगला खाली नहीं कराने का अनुरोध किया था, जिसे मंत्रालय ने कानूनी बाध्यता का हवाला देकर ठुकरा दिया।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)


 

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