हरियाणा विधानसभा चुनाव में पेंच फंस गए हैं। किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। भाजपा को 40, कांग्रेस को 31, जेजेपी को 10 और अन्य को 9 सीट मिलती दिख रही है। इस बीच खबर आ रही है कि मनोहर लाल खट्टर राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा दे सकते हैं। 

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा चुनाव में पेंच फंस गए हैं। किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। भाजपा को 40, कांग्रेस को 31, जेजेपी को 10 और अन्य को 9 सीट मिलती दिख रही है। इस बीच खबर आ रही है कि मनोहर लाल खट्टर राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं दुष्यंत चौटाला भूपेंद्र सिंह हुड्डा दिल्ली रवाना हो गए हैं।

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हरियाणा में भाजपा का वोट % बढ़ा, सीटे घटीं
हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले हैं। परिणाम के रुझानों के मुताबिक यहां भाजपा को 35 सीट, कांग्रेस 32, जेजपी 6, निर्दलीय 5 सीटों पर आगे है। लेकिन वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 36.22% और कांग्रेस को 28.36% वोट मिले हैं। भाजपा को साल 2014 के लोकसभा के चुनाव से 2.98% और कांग्रेस को 8.36% वोट ज्यादा मिले हैं। 
दोनों पार्टियों के वोट प्रतिशत तो बढ़े हैं लेकिन भाजपा को करीब 12 सीटों का नुकसान हो सकता है। वहीं कांग्रेस 15 सीटों पर फायदे में है।

हरियाणा में 8.13% कम वोटिंग हुआ
हरियाणा में 90 विधानसभा सीटों पर सोमवार को 68.47% मतदान हुआ। 2014 में 76.6% मतदान हुआ था। मतदान के लिए 19578 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। 90 में से 73 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं, जबकि अन्य 17 सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। हरियाणा में लगभग 1 करोड़ 83 लाख मतदाताओं ने अपने अधिकार का उपयोग किया। 1169 उम्मीदवारों की विधानसभा चुनाव 2019 में किस्मत आजमाई थी। 9% महिला उम्मीदवार हैं। 2014 में भी 9% महिला उम्मीदवार थीं। हरियाणा में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है। जबकि इनेलो और जेजेपी भी चुनावी मैदान में है। 

हरियाणा में 2014 के परिणाम
2014 में हरियाणा में भाजपा को 47 (33.3%), आईएनएलडी (इंडियन नेशनल लोकदल) को 19 (24.2%), कांग्रेस 15 (20.7%), एचजेसीबीएल (हरियाणा जनहित कांग्रेस) को 2 (3.6%), आईएनडी को 5 (10.6%) वोट मिले थे।