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स्वास्थ्य मंत्रालय की नागरिकों से अपील, कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सिंगापुर जाने से बचें

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “पूर्व में जारी यात्रा परमार्श के क्रम में नागरिकों को सिंगापुर की सभी अनावाश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।” इसमें कहा गया कि अब तक 21,805 यात्रियों को सामुदायिक निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा 3,97,152 यात्री विमानों और समुद्र तटों पर 9,695 यात्रियों की जांच की गई है।

Health Ministry appeals to citizens, avoid going to Singapore in view of corona virus threat kpm
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New Delhi, First Published Feb 22, 2020, 8:27 PM IST
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नई दिल्ली. घातक कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर जारी यात्रा परमार्श के संबंध में सरकार ने नागरिकों को सिंगापुर के सभी अनावश्यक दौरे से बचने की शनिवार को सलाह दी। साथ ही इसमें कहा गया कि सोमवार से हवाईअड्डों पर काठमांडू, इंडोनेशिया, वियतनाम और मलेशिया से भारत आने वाले विमान यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने समीक्षा बैठक में लिया यह फैसला

वर्तमान में चीन, हांगकांग, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जापान से आने वाले यात्रियों की देश में 21 चिह्नित हवाईअड्डों पर कोरोना वायरस के संदिग्ध संक्रमण के लिए जांच की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। यह बैठक कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति, उठाए गए कदमों और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की तैयारी का जायजा लेने के लिए हुई थी।

अबतक लगभग 22 हजार यात्रियों को निगरानी में रखा गया है

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “पूर्व में जारी यात्रा परमार्श के क्रम में नागरिकों को सिंगापुर की सभी अनावाश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।” इसमें कहा गया कि अब तक 21,805 यात्रियों को सामुदायिक निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा 3,97,152 यात्री विमानों और समुद्र तटों पर 9,695 यात्रियों की जांच की गई है।

पूर्व के परामर्शों के मुताबिक की गई जांच के साथ विस्तृत समीक्षा के बाद अब काठमांडू, इंडोनेशिया, वियतनाम और मलेशिया से आने वाले विमानों के लिए हवाईअड्डों पर व्यापक समीक्षा की जाएगी। बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य, नागर विमानन, रक्षा, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों के सचिव, सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एफएमएस) के महानिदेशक और विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, आव्रजन ब्यूरो, आईटीबीपी और सेना के प्रतिनिधि भी इस बैठक में उपस्थित थे।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(प्रतिकात्मक फोटो)

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