हरियाणा के हिसार की मुर्रा नस्ल की भैंस ने दूध के उत्पादन में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। लुधियाना के जगरांव में आयोजित इंटरनैशनल डेअरी ऐंड एग्रो एक्सपो में सरस्वती ने रोज 32 किलो से ज्यादा दूध देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। 

लुधियाना. देशभर में आए दिन कोई न कोई रिकॉर्ड बनते रहते है। जो किसी खेल या अद्भुत कार्य करने के लिए होता है। लेकिन जब एक भैंस रिकॉर्ड बनाए तो खबर चौंकाने वाली होगी। दरअसल, हरियाणा के हिसार की मुर्रा नस्ल की भैंस ने दूध के उत्पादन में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। लुधियाना के जगरांव में आयोजित इंटरनैशनल डेअरी ऐंड एग्रो एक्सपो में सरस्वती ने रोज 32 किलो से ज्यादा दूध देकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। तीन दिन तक चले प्रग्रेसिव डेअरी फार्मर्स असोसिएशन के इस एक्सपो का रिजल्ट सोमवार को घोषित किया गया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

फैसलाबाद की मुर्रा भैंस ने बनाया रिकॉर्ड 

एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह सरदारपुरा का कहना है, 'सरस्वती (भैंस) ने रोजाना औसतन 32.066 किलो दूध देते हुए नवंबर 2018 में पाकिस्तान के फैसलाबाद की मुर्रा भैंस का बनाए विश्व रिकॉर्ड को तोड़ है। बताया जा रहा कि सरस्वती एक उपहार है और भैंस के मालिक इसके बच्चे को बेचकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं।'

देश के लिए गर्व की बात 

एसोसिएशन का इंटरनैशनल डेअरी ऐंड एग्री एक्सपो दुनियाभर में भैंसों, गायों और बछड़े के प्रमुख कॉम्पिटिशन के रूप में मशहूर है। एक्सपो के दौरान 20 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सरदारपुरा का कहना है, 'हम खुश हैं कि हमारे एक्सपो में वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाया गया।' भैंस के मालिक सुखबीर ढांडा हरियाणा के हिसार जिले में स्थित लिटानी के निवासी हैं। रिजल्ट घोषित होने के बाद वह बहुत खुश हैं। ढांडा ने कहा, 'यह न केवल मेरे, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि सरस्वती ने एक दिन में सबसे ज्यादा दूध देने का विश्व रेकॉर्ड बनाया है। इसका श्रेय मेरी मां कैलो देवी को जाता है, जो इसकी अच्छे से देखभाल करती हैं। हम उसकी लगातार निगरानी रखते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उसे सबसे अच्छा चारा मिले।'

जीत चुकी है कई कंपटीशन 

मुर्रा नस्ल की इस भैंस सरस्वती ने इससे पहले भी कई मौकों पर ढांडा को गर्व का मौका दिया है। वह बताते हैं, 'सरस्वती ने पिछले साल भी 29.31 किलो दूध देते हुए यहां फर्स्ट प्राइज जीता था। इसके अलावा हिसार के सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ बफैलो रिसर्च के एक कार्यक्रम में 28.7 किलो दूध का उत्पादन करते हुए भी वह अव्वल रही थी। यही नहीं हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के एक आयोजन में भी 28.8 किलो मिल्क प्रॉडक्शन के साथ उसने प्रतियोगिता जीती थी।'

भैंस के बदले मिल रहे थे 51 लाख 

ढांडा कहते हैं, 'लोगों ने सरस्वती को खरीदने के लिए मुझसे संपर्क किया। कुछ ने तो मुझे 51 लाख रुपये तक का ऑफर किया लेकिन मैंने उन्हें बताया कि यह बेचने के लिए नहीं है। मैं इसको खुद से दूर नहीं कर सकता। हमने हाल ही में उसके एक बछड़े को तमिलनाडु के एक शख्स को 4.5 लाख रुपये में बेचा है। हमारे पास दो और भैंसें- गंगा, जमुना हैं।' इस बीच रिजल्ट का ऐलान होने के बाद विजेता सरस्वती को देखने के लिए पशुप्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी।