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24 नवंबर : सिखों के नौवें गुरू, तेग बहादुर जी का बलिदान दिवस

 सिखों के नौवें गुरू गुरू तेग बहादुर भी ऐसे ही साहसी योद्धा थे, जिन्होंने न सिर्फ सिक्खी का परचम ऊंचा किया, बल्कि अपने सर्वोच्च बलिदान से हिंदू धर्म की भी हिफाजत की।

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New Delhi, First Published Nov 24, 2019, 1:22 PM IST
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नई दिल्ली: देश के इतिहास में कुछ जांबाज ऐसे भी हुए हैं, जो धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने से भी पीछे नहीं हटे। सिखों के नौवें गुरू गुरू तेग बहादुर भी ऐसे ही साहसी योद्धा थे, जिन्होंने न सिर्फ सिक्खी का परचम ऊंचा किया, बल्कि अपने सर्वोच्च बलिदान से हिंदू धर्म की भी हिफाजत की। उन्होंने मुगल बादशाह औरंगजेब की तमाम कोशिशों के बावजूद इस्लाम धर्म धारण नहीं किया और तमाम जुल्मों का पूरी दृढ़ता से सामना किया।

गुरू तेग बहादुर के धैर्य और संयम से आग बबूला हुए औरंगजेब ने चांदनी चौक पर उनका शीश काटने का हुक्म जारी कर दिया और वह 24 नवंबर 1675 का दिन था, जब गुरू तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। उनके अनुयाइयों ने उनके शहीदी स्थल पर एक गुरूद्वारा बनाया, जिसे गुरूद्वारा शीश गंज साहब के तौर पर जाना जाता है।

देश दुनिया में आज की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:- 

1675 : मुगल बादशाह औरंगजेब के आदेश पर सिक्खों के नौवें गुरू तेग बहादुर को चांदनी चौक पर शहीद कर दिया गया।

1859 - चार्ल्स डार्विन की ‘आन द ओरिजिन आफ स्पेशीज’का प्रकाशन।

1874 : अमेरिका के खोजकर्ता जोसेफ फरवेल ग्लिडन ने वाणिज्यिक रूप से सफल कांटेदार तार का पेटेंट हासिल किया।

1963 : अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या करने वाले व्यक्ति की हत्या। हमलावर ने डलास थाने में उसे बहुत करीब से गोली मारी।

1999 : भारत की कुंजुरानी देवी ने एथेंस में विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।

2001 : तुर्की की ग्रैंड नेशनल एसेम्बली ने देश के कानून में बदलाव करके महिलाओं को कानूनी तौर पर पुरूषों के बराबर ला खड़ा किया।

2006 : पाकिस्तान और चीन ने एक मुक्त व्यापार क्षेत्र संधि पर हस्ताक्षर किए तथा अवाक्स बनाने पर भी सहमति हुई।

2007 : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ आठ वर्षों के निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे।

2018 : भारतीय महिला मुक्केबाजी की सुपरस्टार एम सी मेरीकाम (48 किग्रा) ने दसवीं महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

 


 

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