नई दिल्ली. कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई गाइड लाइंस जारी की है। इसके मुताबिक, बहुत हल्के लक्षणों वाले मरीज भी खुद को घर में आइसोलेट कर सकते हैं। अभी तक नियम था कि मरीजों की हालत के आधार पर कोविड केयर सेंटर, डेडकिटेड कोविड हेल्थ सेंटर या डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में भर्ती किया जाता था। 

होम आइसोलेशन की 6 शर्तें

  • देखभाल के लिए कोई व्यक्ति हो
    आइसोलेशन के दौरान मरीज की 24 घंटे देखभाल के लिए कोई व्यक्ति होना चाहिए। वह जब तक आइसोलेशन में रहे, तब तक उसके साथ कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो उसकी देखभाल करने के साथ ही हॉस्पिटल से भी संपर्क बनाए रखे।
  • देखभाल करने वाले व्यक्ति को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन लेनी होगी
    जो व्यक्ति आइसोलेशन में मरीज की देखभाल कर रहा होगा, उस व्यक्ति की डॉक्टर की सलाह से हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा लेनी होगी।
  • आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना जरूरी
    आइसोलेट व्यक्ति को आरोग्य सेतु ऐप को डाउन लोड करना जरूरी है। उसे अपने मोबाइल में ब्लूटूथ और वाई-फाई को हर वक्त एक्टिव रखना होगा।
  • गाइडलाइंस फॉलो करने की अंडरटेकिंग जरूरी
    मरीज को गाइडलाइंस फॉलो करने की अंडरटेकिंग देनी होगी।
  • माइल्ड लक्षण पर भी क्वारैंटाइन
    बहुत हल्के लक्षण होने के बाद भी मरीज को घर पर सेल्फ आइसोलेशन और परिवार के सदस्यों को क्वारैंटाइन करने की सुविधा होनी चाहिए।

कब खत्म होगा होम आइसोलेशन?
लक्षण दिखने के बाद आइसोलेशन में हैं, तो जब तक टेस्ट के बाद मेडिकल ऑफिसर संक्रमण खत्म होने का सर्टिफिकेट नहीं दे देता, तब तक आइसोलेशन खत्म नहीं होगा।