MalayalamNewsableKannadaKannadaPrabhaTeluguTamilBanglaHindiMarathiMyNation
Add Preferred SourceGoogle-icon
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • ताज़ा खबर
  • न्यूज
  • GK
  • फोटो गैलरी
  • राज्य
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
  • बिज़नेस
  • वीडियो
  • खेल
  • धर्म
  • ज्योतिष
TRENDING :
Shivpuri News
Disha Salian Case
Nepal Flood Rescue
Delhi Bus Safety Rules
US Missile Strike in Iran
Faridabad Student Suicide
Yogi Adityanath AI Video Row
California Malayali Women Murder
Sitapur Quadruplets Birth
Badshah Wife Isha Rikhi
Who is Brishti Mukherjee?
SCO Summit 2026
Toxic Box Office Collection
Noida Bus Gangrape Case
Mumbai Milk Price Hike 2026
Hanuman Ansh Movie Review
India GDP Growth
Nepal Flood NEET PG News
Gujarat News
Rajasthan Viral Video Truth
Mirzapur The Movie Advance Booking
Global News Snapshot
Delhi Weather
Aaj Ka Rashifal
  • Home
  • National News
  • क्या बेटियों को मिल रहा इंसाफ? दुनिया के देशों का रेप केस और कंविक्शन रेट का सच

क्या बेटियों को मिल रहा इंसाफ? दुनिया के देशों का रेप केस और कंविक्शन रेट का सच

दुनियाभर में महिलाओं के ख़िलाफ़ रेप जैसी हिंसा एक गंभीर समस्या है, लेकिन अधिकतर देशों में अपराधियों को सजा दिलाना एक बड़ी चुनौती है। भारत समेत कई विकसित देशों में भी कंविक्शन रेट बेहद कम है। 

2 Min read
Author : Dheerendra Gopal
Published : Aug 23 2024, 12:05 AM IST
Share this Photo Gallery
  • FB
  • TW
  • Linkdin
  • Whatsapp
  • GNFollow Us
15
Image Credit : Getty

निर्भया कांड हो या कठुआ कांड, हर बार बेटियों को न्याय के लिए मुखर आवाज उठती है। देश ही नहीं दुनिया के तमाम संगठन, महिलाओं के खिलाफ रेप जैसी हिंसा को लेकर चिंतित दिखती है लेकिन आंकड़ों पर गौर करें तो दुनिया के अधिकतर देशों में कंविक्शन रेट यानी अपराधियों को सजा की दर बेहद कम है।

भारत: एनसीआरबी के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो देश में हर दिन 86 रेप केस सामने आते हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2021 में बलात्कार मामलों में दोषसिद्धि दर लगभग 32.2% थी। यानी कोर्ट तक जो मामले पहुंच जाते हैं, उनमें से एक तिहाई से भी कम मामलों में अपराधियों को सजा हो पाती है। माना जाता है कि आरोपियों को सजा दिलाने में नाकामी के पीछे लंबी कानूनी प्रक्रिया, पुलिसिया जांच में कई प्रकार की कमियां, सामाजिक कलंक और पीड़िता व उसके परिवार का केस में आगे बढ़ने में तमाम बाधाएं कंविक्शन में बाधक होती।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
25
Image Credit : Getty

इंग्लैंड: भारत ही नहीं इंग्लैंड में भी रेप के मामलों में दोषसिद्धि यानी कंविक्शन की रेट काफी कम है। यहां 2022 के डेटा पर गौर करें तो रेप के अपराधियों को सजा दिलाने का रेट काफी कम रहा है। यूके में रिपोर्ट किए गए मामलों में दोषसिद्धि दर लगभग 1.3% है। हालांकि, जो मामले अदालत में जाते हैं, उनमें दोषसिद्धि दर लगभग 65% है।

35
Image Credit : Getty

अमेरिका: अमेरिका में रेप के मामले जो कोर्ट तक पहुंचते हैं उसमें कंविक्शन रेट लगभग 57 प्रतिशत है। हालांकि, यहां माना जाता है कि कई मामले कोर्ट तक पहुंच ही नहीं पाते हैं।

45
Image Credit : Getty

स्वीडन: यूरोपीयन देश स्वीडन में रेप के सबसे अधिक मामले रिपोर्ट होते हैं। यहां रेप की रिपोर्टिंग रेट सबसे अधिक है लेकिन इसके बाद भी यहां कंविक्शन रेट काफी कम करीब 12 प्रतिशत ही है। एक्सपर्ट्स की मानें तो स्वीडन के लॉ सिस्टम में रेप की विस्तृत परिभाषा के कारण अधिक मामलों की रिपोर्टिंग होती है लेकिन गैर-सहमति साबित करने में आने वाली दिक्कतों की वजह से अपराधी सजा से वंचित रह जाते।

55
Image Credit : Getty

जर्मनी: जर्मनी में भी रेप के मामलों में दोषसिद्धि रेट काफी कम करीब 8-10 प्रतिशत ही है। कई अन्य यूरोपियन देशों की तरह यहां भी सहमति नहीं होना साबित करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। यहां भी पीड़िताओं को सामाजिक कलंक का डर सताता है।

यह भी पढ़ें:

डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद FAIMA का फैसला

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

About the Author

DG
Dheerendra Gopal
धीरेंद्र गोपाल। 2007 से पत्रकारिता कर रहे हैं, 18 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी में काम कर रहे हैं। पूर्व में अमर उजाला से करियर की शुरुआत करने के बाद हिंदुस्तान टाइम्स और राजस्थान पत्रिका में रिपोर्टिंग हेड व ब्यूरोचीफ सहित विभिन्न पदों पर इन्होंने सेवाएं दी हैं। राजनीतिक रिपोर्टिंग, क्राइम व एजुकेशन बीट के अलावा स्पेशल कैंपेन, ग्राउंड रिपोर्टिंग व पॉलिटिकल इंटरव्यू का अनुभव व विशेष रूचि है। डिजिटल मीडिया, प्रिंट और टीवी तीनों फार्मेट में काम करने का डेढ़ दशक का अनुभव।

Latest Videos
Recommended Stories
Recommended image1
Shivpuri News: झरने में नहाने के बाद परिवार के 4 बच्चों की मौत, आखिर बीमारी का क्या है राज?
Recommended image2
Disha Salian Case: सुशांत सिंह राजपूत की Ex मैनेजर की मौत पर 6 साल बाद बड़ा फैसला! बॉम्बे HC ने CBI जांच और FIR का दिया आदेश
Recommended image3
2029 में कौन बनेगा PM? Vijay के नाम पर TVK का बड़ा दावा, Rahul Gandhi को लेकर बढ़ा सस्पेंस
Recommended image4
Gold खरीदने से क्यों रोक रहे PM Modi? बढ़ते आयात और Trade Deficit ने बढ़ाई चिंता
Recommended image5
Nepal Flood Rescue: 6 दिन से सुरंग में कैद 40 जिंदगियां, इंजीनियर की पत्नी बोली-क्या भीख मांगें?
NEWS
Hindi NewsLatest News in HindiWorld News in HindiBreaking News in HindiTechnology News in HindiAuto News in HindiToday News in HindiNational News in Hindi
SPORTS
Sports News in HindiCricket News in Hindi
ENTERTAINMENT
Bollywood News in HindiEntertainment News in HindiTV News in HindiSouth Cinema NewsBhojpuri News
BUSINESS
Business News in HindiMoney News in Hindi
CAREER
Sarkari NaukriSarkari YojanaCareer News in Hindi
ASTROLOGY
Aaj Ka RashifalRashifal in HindiTarot Card ReadingNumerology in HindiReligion News in Hindi
STATES
Rajasthan News in HindiUP News in HindiUttarakhand News in HindiDelhi News in HindiMaharashtra News in HindiPunjab News in HindiMP News in HindiBihar News in HindiJharkhand News in HindiHaryana News in HindiChhattisgarh News in Hindi
Asianet
Follow us on
  • Facebook
  • Twitter
  • whatsapp
  • YT video
  • insta
  • Download on Android
  • Download on IOS
  • About Website
  • Terms of Use
  • Privacy Policy
  • CSAM Policy
  • Complaint Redressal - Website
  • Compliance Report Digital
  • Investors
© Copyright 2026 Asianxt Digital Technologies Private Limited (Formerly known as Asianet News Media & Entertainment Private Limited) | All Rights Reserved