तिरुवनंतपुरम में शेरोन राज हत्याकांड में ग्रीष्मा को मौत की सजा, चाचा को सबूत मिटाने के लिए 3 साल की जेल। अक्टूबर 2022 में शेरोन को जहर देकर मार डाला गया था।

तिरुवनंतपुरम। केरल के तिरुवनंतपुरम की जिला सेशन कोर्ट ने शेरोन राज हत्याकांड में महिला को मौत की सजा सुनाई है। फांसी की सजा पाने वाली महिला का नाम ग्रीष्मा है। उसने अक्टूबर 2022 में शेरोन राज को जहर देकर मार डाला था। उसके चाचा को सबूत नष्ट करने के लिए 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। हत्या के समय सरोज राय की उम्र 23 साल थी।

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कोर्ट ने 17 जनवरी को ग्रीष्मा को दोषी करार दिया था। सजा को 20 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। उसके चाचा निर्मल कुमार को हत्या में सहयोग करने और सबूत मिटाने के चलते तीन साल जेल की सजा मिली है। उसकी मां सिंधु को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

नेय्याट्टिनकारा अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने यह कहते हुए मृत्युदंड सुनाया कि यह दुर्लभतम मामला है। इसलिए दोषी की उम्र को ध्यान में नहीं रखा जा सकता। बचाव पक्ष ने पहले अपनी दलीलों में कहा कि दोषी युवा महिला है। उसका शैक्षणिक रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। उसे सुधार का मौका मिलना चाहिए। उसमें पहले से ही सुधार के संकेत दिख रहे हैं। उसे अपना जीवन फिर से बनाने का मौका दिया जाना चाहिए।

25 अक्टूबर 2022 को हुई थी शेरोन राज की मौत

बता दें कि तिरुवनंतपुरम के उपनगरीय क्षेत्र परसाला में रहने वाले शेरोन राज की मौत 25 अक्टूबर 2022 को हुई थी। पहले कहा गया था कि मौत अंगों के काम नहीं करने से हुआ। जांच से पता चला कि शेरोन को जहर दी गई थी। ग्रीष्मा शेरोन के साथ रिश्ते में थी। शेरोन ने रिश्ता खत्म करने से इनकार कर दिया था। इससे नाराज ग्रीष्मा ने उसे जहर दे दिया।

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जांच के दौरान पता चला कि ग्रीष्मा ने 14 अक्टूबर को शेरोन को तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के रामवर्मनचिरई स्थित अपने घर बुलाया और उसे जहर मिला आयुर्वेदिक पेय पिलाया। ग्रीष्मा के माता-पिता ने उसकी शादी किसी और से तय कर दी थी। ग्रीष्मा के घर से निकलने के बाद शेरोन में जहर के लक्षण दिखने लगे थे। उसे लगातार उल्टियां होने लगीं।