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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- 'ये ना सोचें कि देश हमें क्या दे रहा, यह सोचें कि हम देश को क्या दे रहे हैं'

देश भर में आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले पर झंडा फहराया है। वहीं अलग-अलग राज्यों में भी झंडारोहण किया गया। आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने ध्वजारोहण के बाद कई बातें कही हैं।
 

India needs to be self-reliant Says RSS chief Mohan Bhagwat mda
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New Delhi, First Published Aug 15, 2022, 11:44 AM IST

नागपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को कहा कि भारत को काफी संघर्ष के बाद आजादी मिली और उसे आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। भारत के 76वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद महाराष्ट्र के नागपुर शहर में आरएसएस मुख्यालय में एक सभा को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि भारत देश, दुनिया को शांति का संदेश देगा। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को यह सोचना चाहिए कि वे देश को क्या दे सकते हैं, बजाय इसके कि देश या समाज उन्हें क्या दे रहा है।

गर्व और संकल्प का दिन
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज गर्व और संकल्प का दिन है। देश को बहुत संघर्ष के बाद आजादी मिली है, इसे अब आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। कहा कि जो लोग स्वतंत्र होना चाहते हैं उन्हें हर चीज में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है। भागवत ने कहा कि आरएसएस ने देश भक्ति के बारे में जागरूकता पैदा करने और देश के लोगों में इसे आत्मसात करने के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि आपको दुनिया के साथ संबंध बनाए रखने की जरूरत है लेकिन अपनी शर्तों पर। इसके लिए आपको सक्षम बनने की जरूरत है। जो स्वतंत्र होना चाहते हैं उन्हें भी अपनी सुरक्षा के संबंध में सक्षम होना चाहिए। भागवत ने कहा कि तिरंगा बताता है कि देश कैसा होना चाहिए। 

दुनिया में शांति का संदेश देगा भारत
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि यह देश दूसरों पर शासन नहीं करेगा, यह दुनिया भर में प्यार फैलाएगा और दुनिया के हित के लिए बलिदान करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब तक ऐसे राष्ट्र का निर्माण नहीं हो जाता, लोगों को यह नहीं पूछना चाहिए कि देश और समाज उन्हें क्या देता है, बल्कि यह सोचना चाहिए कि वे देश को क्या दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपको यह सवाल छोड़कर खुद से पूछना चाहिए कि मैं अपने देश और समाज को क्या दे रहा हूं। अपनी खुद की प्रगति के बीच हमें देश और समाज की प्रगति के बारे में सोचते हुए अपना जीवन जीना चाहिए। यही जरूरत है।

दुनिया भारत को देखेगी
मोहन भागवत ने कहा कि जिस दिन हम सभी इस संकल्प के साथ कि हम देश को क्या दे रहे हैं, जीना शुरू कर देंगे, तब देश बदल जाएगा। इसमें कोई शक नहीं कि पूरी दुनिया ही भारत को हैरानी से देखेगी। आत्मनिर्भर, समृद्ध और शोषण मुक्त बनने के बाद देश शांति और खुशहाली का रास्ता दिखाएगा। कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित कार्यक्रम के दौरान आरएसएस के कुछ स्वयंसेवक और प्रचारक भी मौजूद रहे। आरएसएस ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेशमबाग एरिया में स्थित डॉ हेडगेवार स्मारक समिति में कार्यक्रम भी आयोजित किया है।

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