भारतीय सेना बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका की सेनाओं के साथ साझा युद्धाभ्यास में हिस्सा लेगी। यह युद्धाभ्यास बांग्लादेश के उदय के 50 साल और राष्ट्रपिता बंगबंधु के जन्मशति के मौके पर हो रहा है।  

नई दिल्ली. भारतीय सेना बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका की सेनाओं के साथ साझा युद्धाभ्यास में हिस्सा लेगी। यह युद्धाभ्यास बांग्लादेश के उदय के 50 साल और राष्ट्रपिता बंगबंधु के जन्मशति के मौके पर हो रहा है। 

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पूरे अभ्यास के दौरान अमेरिका, यूके, तुर्की, सऊदी अरब, कुवैत और सिंगापुर के सैन्य पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे। यह युद्धाभ्यास 4 अप्रैल से 21 अप्रैल तक चलेगा। यह युद्धाभ्यास ऐसे समय में हो रहा है, जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की दो दिन की यात्रा से लौटे हैं। बांग्लादेश इस साल आजादी के 50 साल मना रहा है। 1971 में पाकिस्तानी सेना ने भारत के सामने घुटने टेक दिए थे। इसके बाद बांग्लादेश को आजादी मिली थी। 

SHANTIR OGROSHENA 2021 दिया गया नाम
इस संयुक्त सैन्याभ्यास को SHANTIR OGROSHENA 2021 (यानी शांति के अग्रदूत) नाम दिया गया है। इस अभ्यास में भारतीय सेना की डोगरा रेजीमेंट के 20 जवान शामिल होंगे। भारतीय सेना ने बताया कि इस अभ्यास में भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका की सेना भी हिस्सा ले रही है। यह 4 अप्रैल से 12 अप्रैल तक चलेगा। इस अभ्यास की थीम रोबस्ट पीसकीपिंग ऑपरेशन रखी गई है। 

इससे पहले बांग्लादेश के उदय के 50 साल के मौके पर भारतीय गणतंत्र दिवस की दिल्ली में हुई परेड में बांग्लादेशी सेना की टुकड़ी पहली बार शामिल हुई थी।