भारतीय रेलवे लोकल पैसेंजर ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने पर विचार कर रहा है और उनकी जगह वंदे मेट्रो रेलगाड़ियाँ चलाने की योजना है। शुरुआत में 3500 पैसेंजर ट्रेनों की जगह 1600-1700 वंदे मेट्रो चलाई जाएंगी।

मुंबई: भारतीय रेलवे लोकल पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह से बंद करने की तैयारी में है। इनके बदले वंदे मेट्रो रेलगाड़ियाँ पटरी पर उतरेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रेलवे में लगभग 3500 पैसेंजर ट्रेनें 200-350 किलोमीटर के बीच चलती हैं। अब इन पैसेंजर ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से बंद करने पर विचार चल रहा है।

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लोकल पैसेंजर ट्रेन बंद करने की प्रक्रिया शहरों से ही शुरू होगी। सोमवार को ही अहमदाबाद-भुज के बीच पहली वंदे मेट्रो ट्रेन के परिचालन शुरू होने की घोषणा की गई है। 16 सितंबर को वंदे मेट्रो ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। हफ़्ते में केवल छह दिन चलने वाली यह ट्रेन भुज से सुबह 5.05 बजे रवाना होकर सुबह 10.50 बजे अहमदाबाद पहुँचेगी। इसके बाद शाम 5.30 बजे अहमदाबाद से रवाना होकर रात 11.10 बजे भुज पहुँचेगी।

3500 पैसेंजर ट्रेन की जगह 1700 वंदे मेट्रो
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 56 लाख यात्री प्रतिदिन लोकल या पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा करते हैं। 3500 पैसेंजर ट्रेनों की जगह 1600-1700 वंदे मेट्रो चलाई जाएंगी। पैसेंजर ट्रेनों की तुलना में वंदे मेट्रो ट्रेन तेज़ गति से चलती हैं। इसलिए केवल 1600-1700 ट्रेनें ही पैसेंजर ट्रेनों की माँग को पूरा कर सकती हैं, यह भारतीय रेलवे का आकलन है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वंदे मेट्रो 130 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चल सकती हैं। हालाँकि, अभी यह 90 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेगी और इसमें 16 कोच होंगे, जिसमें 1,150 लोग बैठकर यात्रा कर सकेंगे। खड़े होकर 2058 लोग सफ़र कर सकेंगे। कुल मिलाकर 3200 लोग सफ़र कर सकेंगे। वंदे मेट्रो ट्रेन में आम यात्री भी आराम से बैठकर सफ़र कर सकेगा। रेलवे के दोनों ओर लोको पायलट के केबिन होंगे। साथ ही बड़ी-बड़ी खिड़कियों की व्यवस्था भी होगी।