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करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन से पहले खुफिया विभाग का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान रच रहा ये नई साजिश

 करतारपुर साहिब पर आतंकी साया मंडरा रहा है। भारतीय खुफिया विभाग को जानकारी मिली है कि पंजाब प्रांत के जिस नारोवाल जिले में करतारपुर साहिब हैं, वहीं आतंकी ट्रेनिंग कैम्प भी चल रहे हैं। 

Intel says Terror camps in narowal where Kartarpur gurdwara situated
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New Delhi, First Published Nov 4, 2019, 1:46 PM IST
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नई दिल्ली. करतारपुर साहिब पर आतंकी साया मंडरा रहा है। भारतीय खुफिया विभाग को जानकारी मिली है कि पंजाब प्रांत के जिस नारोवाल जिले में करतारपुर साहिब हैं, वहीं आतंकी ट्रेनिंग कैम्प भी चल रहे हैं। 

भारतीय श्रृद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर को खोले जाने से एक हफ्ते पहले ही यह खुफिया जानकारी मिली है। कॉरिडोर भारत के पंजाब में गुरदासपुर स्थित डेरा बाबा नानक साहब को पाकिस्तान के नारोवाल में स्थित करतारपुर साहिब से जोड़ता है। 

कैम्प में महिलाएं भी ले रहीं ट्रेनिंग
खुफिया विभाग ने बताया कि पंजाब प्रांत के मुरीदके, शकरगढ़ और नारोवाल में आतंकी ट्रेनिंग कैम्प चलाए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं ट्रेनिंग ले रही हैं। यह जानकारी पंजाब में सीमा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के दौरान सामने आई। इस बैठख में देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया था। 

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती
बैठक के दौरान एजेंसियों ने कॉरिडोर का खुलना बड़ी चुनौती बताया। एजेंसियों का मानना है कि इस दौरान पाकिस्तान के कुछ अराजक तत्व भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं, खासकर तीर्थयात्रियों के संपर्क में भी आने की संभावनाएं हैं। कॉरिडोर को खोलने के पीछे पाक की उत्सुकता का यह भी कारण है कि वह इससे सिख भावनाओं का इस्तेमाल करके खालिस्तान एजेंडा भी भड़का सकता है। 

पाकिस्तानी नेटवर्क भी भारत के लिए चुनौती
भारत में 3-4 किमी अंदर तक पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्क की मौजूदगी भी चिंतित करने का विषय है। एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल ड्रग तस्करों और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों द्वारा भी किया जा सकता है।

9 नवंबर को कॉरिडोर का होना है उद्धाटन
9 नवंबर को कॉरिडोर का उद्धाटन भारत में पीएम नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान में इमरान करेंगे। इस मौके पर भारत ने 575 श्रद्धालुओं की लिस्ट पाकिस्तान को सौंपी है। ये श्रद्धालु कॉरिडोर के रास्ते करतारपुर साहिब पहुंचेंगे। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, हरसिमरत कौर बादल, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अलावा कई सांसद और विधायक हैं। 

करतारपुर साहब में गुरुनानक देव ने बिताए थे 18 साल
करतारपुर साहब में गुरुनानक देवजी ने 18 साल बिताए थे। करतारपुर कॉरिडोर पंजाब के गुरदासपुर से तीन किमी दूर भारत-पाकिस्तान की सीमा से लगा है। नवंबर 2018 में दोनों देशों ने अपनी-अपनी ओर कॉरिडोर की नींव रखी थी। कॉरिडोर के अक्टूबर आखिर तक पूरे होने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर से लाखों तीर्थयात्री गुरुनानक देवजी के स्थान तक जा सकेंगे। मौजूदा वक्त में श्रद्धालु भारत की सीमा से दूरबीन की मदद से गुरुद्वारा के दर्शन करते हैं।

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