भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) को 17 नए योद्धा मिले हैं। ये योद्धा बेल्जियन मालिनोइज ब्रीड के डॉगी के पपी हैं। इसी नस्ल के कुत्तों ने अलकायदा के खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन को खोजने में अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं यही नस्ल अमेरिका में व्हाइट हाउस की सुरक्षा भी करते हैं।

पंचकूला. भारत-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) को 17 नए योद्धा मिले हैं। ये योद्धा बेल्जियन मालिनोइज ब्रीड के डॉगी के पपी हैं। इसी नस्ल के कुत्तों ने अलकायदा के खूंखार आतंकी ओसामा बिन लादेन को खोजने में अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं यही नस्ल अमेरिका में व्हाइट हाउस की सुरक्षा भी करते हैं।

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आईटीबीपी के के9 में शामिल बेल्जियन मालिनोइज ब्रीड के डॉगी ओल्गा और ओलेश्या ने 17 बच्चों को जन्म दिया है। ओल्गा ने 9 पपी को जन्म दिया जबकि ओलेश्या ने 8 पपी। इनका जन्म 30 सितंबर और 4 अक्टूबर को हुआ। अभी इन पपी को पंचकूला के नेशनल ट्रेनिंग सेंटर फॉर डॉग्स में रखा गया है, जहां इनकी खूब खातिरदारी हो रही है। 

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दोनों बहने हैं ओल्गा और ओलेश्या
ओल्गा और ओलेश्या दोनों बहने हैं और पांच साल की हैं। इन पपी के पिता गाला भी आईटीबीपी में शामिल हैं। 

ओसामा-बिन-लादेन को खोजने में निभाई थी अहम भूमिका
बेल्जियन मालिनोइज ब्रीड के कुत्ते 2011 में पहली बार चर्चा में आए थे। उस वक्त इन कुत्तों की मदद से दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी को खोज कर खत्म किया गया था। पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा-बिन-लादेन को ढूंढने में इन कुत्तों ने ही अमेरिकी नेवी सील की मदद की थी।

अमेरिकी के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा जब भारत के पहले दौरे पर आए थे, तो ये कुत्ते उनकी विशेष टीम का हिस्सा थे। इन्होंने जांच में अहम भूमिका निभाई थी।

ये होती है खासियत 
बेल्जियन मालिनोइज में मेल की हाइट 24 से 26 इंच होती है, जबकि फीमेल की हाइट 22 से 24 इंच होती है। वहीं बात अगर वजन की करें तो इनका वेट 20 से 30 किलोग्राम तक होता है। ये 9 गज की दूरी से अपने शिकार को ट्रैक कर सकता है। साथ ही 2 फीट की गहराई में छिपे सामान भी सूंघ कर पता लगा लेते हैं। इतना ही नहीं, अगर किसी जगह से कोई इंसान 24 घंटे पहले भी गुजरा है, तो बेल्जियम मेलोनॉइज उसका भी पता लगा लेते हैं। ये कुत्ते काफी फुर्तीले होते हैं। ये 2 से 3 फीट तक ऊंची दीवार बिना किसी परेशानी के पार कर लेते हैं।