आम आदमी के विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 सालों में किसी भी कार्रवाई में अड़ंगा नहीं लगाया है। इसके अलावा उन्होंने इस प्रकिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इन मामलों में निर्णय लेने का अधिकार सरकार को नहीं होना चाहिए

नई दिल्ली. जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर केस चलाने के लिए दिल्ली पुलिस सेल को मंजूरी मिलने के बाद इस मामले पर नेताओं की प्रतिक्रया आनी भी शुरू हो गई है। खुद कन्हैया कुमार ने केजरीवाल को धन्यवाद करते हुए कहा कि जीत हमेशा सत्य होती है और अब सभी देखेंगे कि किस तरह राजनीतिक फायदे के लिए कानून का गलत इस्तेमाल होता है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred
Scroll to load tweet…

राघव चड्ढा ने क्या कहा ?

लंबे समय से भाजपा के नेता इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी की सरकार को घेर रहे थे। अब आप नेताओं ने सफाई देनी शुरू कर दी है। आम आदमी के विधायक राघव चड्ढा ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 5 सालों में किसी भी कार्रवाई में अड़ंगा नहीं लगाया है। इसके अलावा राघव ने इस प्रकिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इन मामलों में निर्णय लेने का अधिकार सरकार को नहीं होना चाहिए, ये कोर्ट से जुड़े मामले हैं और न्यायालय को ही ऐसे मामलों पर कार्यवाई करनी चाहिए। 

लंबे समय से आम आदमी पार्टी पर उठ रहे थे सवाल 
भाजपा लंबे समय से इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार पर सवाल उठा रही थी। कन्हैया कुमार पर देशद्रोह समेत 8 धाराएं लगाई गई है। 14 जनवरी को पुलिस ने कन्हैया कुमार, जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य सहित अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। आरोप है कि 9 फरवरी 2016 को जेएनयू कैंपस में हुए कार्यक्रम में इन्होंने एक जुलूस की अगुवाई की और देशद्रोही नारे लगाए।

Scroll to load tweet…

कन्हैया कुमार की हुई थी गिरफ्तारी
कन्हैया कुमार को 2015 में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) के छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुना गया था। 9 फरवरी 2016 में जेएनयू में एक कार्यक्रम हुआ था। आरोप है कि इसमें कन्हैया कुमार ने मोहम्मद अफजल गुरु को फांसी के खिलाफ नारे लगाए थे। इसी मामले में कन्हैया कुमार पर राजद्रोह का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार को गिरफ्तार भी किया था। फिर 2 मार्च 2016 में अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया था।