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कर्नाटक : येदियुरप्पा के लिए आसान नहीं होगा मंत्रिमंडल का गठन, मंत्री पद 34 दावेदार 56

बीजेपी के जगदीश शेट्टार और अरविंद लिम्बावली समेत कई नेताओं ने दिल्ली में अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात की। सरकार बनाने पर अंतिम फैसला संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा।

Karnatka BJP Leaders Meet Amit Shah and Nadda in Delhi
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Bengaluru, First Published Jul 25, 2019, 6:52 PM IST
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बेंगलुरू। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरने के बाद अब बीजेपी ने सत्ता में आने की कवायद तेज कर दी है। बीजेपी के जगदीश शेट्टार और अरविंद लिम्बावली समेत कई नेताओं ने दिल्ली में अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात की। सरकार बनाने पर अंतिम फैसला संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। हालांकि, बीएस येदियुरप्पा के लिए मंत्रिमंडल का गठन इतना आसान नहीं होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 बागियों समेत 56 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने 3 या इससे ज्यादा चुनाव जीते हैं। सभी इस उम्मीद में हैं कि नई सरकार में उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। जबकि, कर्नाटक में मुख्यमंत्री समेत सिर्फ 34 पद ही स्वीकृत हैं। माना जा  रहा है कि येदियुरप्पा बागियों समेत सीनियर लीडर्स को भी नाराज नहीं करना चाहते। ऐसे में अब वो क्या करेंगे, ये देखना वाकई दिलचस्प होगा। 

चौथी बार कर्नाटक के सीएम बनने के दावेदार हैं येदियुरप्पा
23 जुलाई को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन वाली सरकार बहुमत साबित नहीं कर पाई थी। तब विधानसभा में हुई वोटिंग में सीएम एचडी कुमारस्वामी के विश्वास मत प्रस्ताव के पक्ष में 99 जबकि विरोध में 105 वोट पड़े थे। इसके बाद सरकार गिर गई थी। अब येदियुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने के सबसे बड़े दावेदार हैं। 

बीजेपी किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं 
बीजेपी नेता अरविंद लिम्बावली के मुताबिक, नई सरकार बनाने के लिए हम अपने राष्ट्रीय प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं। उनकी सलाह के बाद ही कुछ बड़ा फैसला होगा। पार्टी किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं है। येदियुरप्पा भी कह चुके हैं कि वह केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के मुताबिक ही काम करेंगे। बुधवार को येदियुरप्पा ने बेंगलुरु के संघ कार्यालय में आरएसएस के नेताओं से आशीर्वाद लिया।

क्या इसलिए हो रही है सरकार के गठन में देरी?
प्रतिनिधिमंडल से पूछा गया कि क्या भाजपा 15 बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला आने का इंतजार कर रही है। इसलिए सरकार के गठन में देरी हो रही है? इस पर लिम्बावली ने कहा-अभी तो यह कोई मुद्दा नहीं है, आगे हो भी सकता है। हम सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे, इसमें कोई संशय नहीं। लेकिन वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी में कुछ देरी हो सकती है। 

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