केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को लीज पर दिए जाने के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, केरल सरकार ने अडाणी ग्रुप को एयरपोर्ट लीज पर देने के खिलाफ यह याचिका दाखिल की थी।

तिरुवनंतपुरम. केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट को लीज पर दिए जाने के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, केरल सरकार ने अडाणी ग्रुप को एयरपोर्ट लीज पर देने के खिलाफ यह याचिका दाखिल की थी। राज्य सरकार ने अगस्त में केंद्र सरकार के उस प्रस्ताव के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, जिसमें तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट का परिचालन, प्रबंधन और एयरपोर्ट से जुड़े विकास कार्यों को 50 साल तक अडानी ग्रुप को लीज पर देने की बात कही गई थी।

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दरअसल, तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट उन 6 एयरपोर्ट में से एक है, जिनके प्रबंधन से लेकर परिचालन तक का सभी काम केंद्र सरकार ने अडाणी ग्रुप को सौंपे दिये हैं। शेष पांच एयरपोर्ट लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, मंगलुरू और गुवाहाटी हैं जिन्हें अडाणी ग्रुप ने 50 सालों के लीज पर लिया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने प्रति घरेलू यात्री पर लगने वाले फीस के आधार पर तैयार किए गए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप ऑपरेशन मॉडल के तहत बोली लगवाया था।

कांग्रेस ने किया था केरल सरकार का समर्थन

याचिका डालने के बाद राज्य में एक इस फैसले के खिलाफ ऑल-पार्टी मीट बुलाई गई थी, जिसमें केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले को वापस लेने की मांग की गई थी। इस याचिका में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी केरल सरकार का समर्थन किया था। 

अडानी ग्रुप ने लगाई थी सबसे ऊंची बोली

इसके पहले केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने भी एयरपोर्ट की लीज और मेंटेनेंस के लिए नीलामी के लिए बोली लगाई थी। हालांकि, अडानी ग्रुप ने सबसे ऊंची बोली लगाकर लीज अपने नाम कर ली थी। GMR ग्रुप नीलामी में तीसरे नंबर पर रहा था।