अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मंदिर के फाउंडेशन के लिए 12-12 घंटे की 2 पालियों में रात-दिन काम चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि फाउंडेशन का काम अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए 1.2 लाख वर्ग मीटर जमीन खोदी जा चुकी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने यह बात कही है।

नई दिल्ली. अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर का निर्माण तय सीमा में पूरा करने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। मंदिर के फाउंडेशन के लिए 12-12 घंटे की 2 पालियों में 24 घंटे काम चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि फाउंडेशन का काम अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके लिए 1.2 लाख वर्ग मीटर जमीन खोदी जा चुकी है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janma Bhoomi Kshetra) के महासचिव चंपत राय ने यह बात कही है।

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ऐसे चल रहा निर्माण कार्य
चंपत राय ने सोमवार का बताया कि मंदिर के निर्माण का एक हिस्सा अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि एक फुट की थिंक लेयर को लगाने और उसे काम्पैक्ट करने में 4-5 दिन का समय लगता है। राय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कोरोना संकट के बावजूद मंदिर के निर्माण कार्य में लगे सभी इंजीनियर और कार्यकर्ता स्वस्थ्य हैं। बता दें कि राम मंदिर के निर्माण का जिम्मा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ही सौंपा गया है।

क्या है रोलर कॉम्पैक्ट कांक्रीट
चंपत राय ने बताया कि 400 फीट लंबी और इतने ही चौड़ी चार परतों को एक के ऊपर एक रखा जाता है। पहले रोलर से एक परत को दबाया जाता है, फिर उसके ऊपर दूसरी परत रखी जाती है। कुल 40-50 परतें रखी जाना है। इसे ही रोलर-कॉम्पैक्ट कांक्रीट कहते हैं। 

तीन साल रखी गई है निर्माण कार्य की अवधि
मार्च में चंपत राय ने कहा था कि राम मंदिर तीन साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका निर्माण करीब ढाई एकड़ में हो रहा है। मंदिर के निर्माण के लिए देशभर से डोर टू डोर संग्रह अभियान(पैसों और अन्य मदद) चलाया जा रहा है। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते इसे अभी रोका गया है। बता दें कि 5 अगस्त, 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था।