भोपाल/मुंबई. कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार के एक और मंत्री की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। सारंग ने ट्वीट कर खुद यह जानकारी दी। उन्होंने संपर्क में आए लोगों से क्वारंटीन होने की अपील की। उधर, बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए मुंबई में नई तकनीक शुरू की जा रही है। इससे मरीजों को जांच में सहूलियत मिलेगी। बीएमसी वॉइस सैंपल के जरिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस बेस्ड तकनीक की मदद से कोरोना जांच की शुरुआत करने जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक हजार मरीजों पर प्रयोग किया जाना है। 
 


मप्र में ये नेता हुए संक्रमित
मुप्र में इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, उनके मंत्री अरविंद भदौरिया, तुलसी सिलावट भी कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। राज्य में ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी, नीना वर्मा, ओमप्रकाश सकलेचा पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा समेत 10 से अधिक विधायक और नेता कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं।


आदित्य ठाकरे ने दी वॉइस सैंपल की जानकारी
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने इस पायलट प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, बीएमसी वॉइस सैंपल के जरिए कोरोना डिटेक्शन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगी। इसके साथ आरटीपीसीआर टेस्ट भी किए जाएंगे। 

तकनीकी के जरिए स्वास्थ्य सुविधाएं हो रहीं बेहतर 
आदित्य ठाकरे ने आगे लिखा, दुनिया भर में विकसित हुई टेस्ट की नई तकनीकी ने ये साबित किया है कि इस महामारी ने हमें चीजों को अलग तरीके से देखने और तकनीक के जरिए स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने में मदद मिली है। 
 
कैसे होगा टेस्ट?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई तकनीक के जरिए मरीजों के वॉइस सैंपल को ऐप बेस्ड मॉड्यूल से टेस्ट किया जाएगा। हालांकि, अभी इस ट्रायल सिर्फ 1 हजार मरीजों पर किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले वक्त में यह टेस्ट प्रक्रिया सफल होने पर जांच की स्थिति और मजबूत हो सकेगी।

भारत में कोरोना की स्थिति
भारत में अब तक कोरोना के 21.99 लाख मामले सामने आ चुके हैं। 44051 लोगों की मौत हो चुकी है। 15 लाख से ज्यादा मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं, 6.3 लाख लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। वहीं, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा अब 5 लाख से अधिक केस सामने आ चुके हैं। राज्य में अब तक 3.38 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं, 1.47 लाख लोगों का इलाज चल रहा है।