महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और इसके बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सभी दल मराठा कोटा पर सहमत हो गए हैं। 

Maratha Quota Maharashtra. महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहा कि मराठा आरक्षण पर सभी दलों की सहमति है और इसे लागू करने में थोड़ा वक्त लग सकता है। एकनाथ शिंदे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है और हम इसे जल्द से जल्द लागू करने की कोशिश करेंगे। इससे पहले राज्य विधानसभा में मराठा कोटा को लेकर कई विधायकों ने हंगामा किया और कुछ लोगों को सदन से बाहर भी निकालना पड़ गया। विधायकों ने इस मसले पर विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की।

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सीएम शिंदे ने सभी से की यह अपील

महाराष्ट्र के चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने सभी लोगों से शांति बनाने की अपील की है। शिंदे ने कहा कि मैं मनोज जारांगे पाटिल से भी अपील करता हूं कि वे सरकार के प्रयासों पर भरोसा रखें। यह विरोध प्रदर्शन दूसरी दिशा में जा रहा है और आम लोगों को इससे असुरक्षा महसूस होने लगी है। मैं राज्य के लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार ने सभी दलों की मीटिंग बुलाई थी और मीटिंग के बाद सीएम शिंदे ने खुद कहा कि सभी दल इस पर राजी हैं और इसे लागू किया जाएगा।

क्या है मराठाओं की डिमांड

माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में मराठाओं की आबादी 33 प्रतिशत है और वे ज्यादातर मराठी भाषा बोलते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जो मराठी बोलता है, वही मराठा है। मराठा आंदोलन की सबसे बड़ी डिमांड यह है कि मराठाओं को ओबीसी का दर्जा दिया जाए। दावा है कि 1948 तक निजााम का शासन खत्म होने तक मराठाओं को कुनबी ही माना जाता था और वे ओबीसी थे। इसलिए उन्हें ओबीसी का दर्जा दिया जाना चाहिए। आंदोलन कर रहे मनोज जरांजे की भी यही मांग है कि जब तक मराठा कुनबी को ओबीसी का सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता है, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

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