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मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सूबे में 8वीं तक के स्कूल 31 मार्च तक बंद; बोर्ड परीक्षाओं के लिए ये निर्देश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार शाम बड़ा फैसला लेते हुए सूबे के स्कूलों में 1 से 8 वीं तक के क्लासेज 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया है। कोरोना के चलते सूबे के स्कूल बंद रखने का आदेश एमपी बोर्ड और सीबीएसई के सभी स्कूलों पर लागू होगा। 

Major decision of Madhya Pradesh government schools up to 8th in the state closed till 31 March kpl
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Bhopal, First Published Dec 5, 2020, 7:59 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार शाम बड़ा फैसला लेते हुए सूबे के स्कूलों में 1 से 8 वीं तक के क्लासेज 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया है। कोरोना के चलते सूबे के स्कूल बंद रखने का आदेश एमपी बोर्ड और सीबीएसई के सभी स्कूलों पर लागू होगा। इसमें प्राइवेट स्कूल भी शामिल हैं। यह भी कहा कि एमपी बोर्ड से संबद्ध 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी नहीं होंगी। आगामी शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2021 से शुरू होगा। 

राज्य सरकार ने पहले 31 दिसंबर तक स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया था। हालांकि सीबीएसई से जुड़े स्कूलों की परीक्षाओं पर निर्णय केंद्र स्तर से होगा। यह भी जानकारी मिली है कि कोरोना काल में स्कूलों को खुले या बंद रखने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। लेकिन राज्य के दायरे के बाहर की परीक्षाओं पर फैसला क्षेत्राधिकार और केंद्र के निर्देश के आधार पर तय होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि पहली से 8वीं तक प्रोजेक्ट वर्क के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं होंगी। इनकी क्लासेस जल्द ही शुरू हो जाएंगी। क्लासेस में कोविड गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। 9वीं और 11वीं क्लास के स्टूडेंट्स को सप्ताह में एक या दो दिन स्कूल बुलवाया जाएगा।

नैतिक शिक्षा पर जोर देना जरूरी: सीएम 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में "रैडिकल" परिवर्तन लाना है, जिससे यहां की शिक्षा सर्वोत्तम हो सके। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में मार्गदर्शन के लिए शिक्षाविदों की समिति बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसी शिक्षा पद्धति लागू करनी है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान और कौशल प्रदान करने के साथ ही उन्हें संस्कारवान नागरिक बनाया जा सके। नैतिक शिक्षा पर विशेष बल दिया जाना है।प्रदेश में स्कूली विद्यार्थियों को दिए जाने वाले गणवेश स्व-सहायता समूह तैयार करेंगे। अगले 3 वर्षों में प्रदेश में खोले जाने वाले 10 हजार उच्च गुणवत्तायुक्त स्कूलों को लेकर हर साल के हिसाब से प्लान बनाए जाएं।

ट्यूशन फीस के अलावा अन्य शुल्क न लेने का आदेश 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि कोविड के चलते जिस अवधि में निजी विद्यालय बंद रहे हैं, वे उस अवधि की ट्यूशन फीस को छोड़कर अन्य शुल्क न लें। इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण की नीति बनाई जाए ताकि कोई स्कूल ऐसा न हो जहां शिक्षक न रहे। जो शिक्षक लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, उन्हें बड़े स्थानों पर और प्रारंभ में सभी की पदस्थापना कुछ वर्षों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में की जाए।
 

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