पीएम मोदी ने दूसरी बार नई सरकार बनाई थी तो 57 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। इसमें 24 कैबिनेट मिनिस्टर और 24 राज्य मंत्री शामिल थे। 9 स्वतंत्र प्रभार के मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई थी। 

नई दिल्ली। पीएम मोदी की कैबिनेट विस्तार की तैयारियां पूरी हो चुकी है। यह उनके दूसरी इनिंग का पहला विस्तार है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ चार दिनों में हुई विभिन्न बैठकों के बाद नए मंत्रियों के नामों पर सहमति बन चुकी है। तय हुआ है कि अतिरिक्त कार्यभार वालो मंत्रियों का भार कम करते हुए नए मंत्रियों को वह मंत्रालय सौंपा जाएगा। 

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मंत्रिपरिषद में इन नामों पर बन चुकी है सहमति

ज्योतिर्रादित्य सिंधियाः पूर्व केंद्रीय मंत्री और चार बार लोकसभा सदस्य रह चुके ज्योतिर्रादित्य सिंधिया मोदी कैबिनेट में शामिल होने वाले नामों में सबसे पहले नंबर पर हैं। बीते साल ही वह कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। सिंधिया की वजह से बीजेपी ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराकर अपनी सरकार बनाई है। 

दिनेश त्रिवेदीः तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी ने फरवरी में टीएमसी छोड़ दिया था। मार्च वह भाजपा में शामिल हो गए थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री त्रिवेदी ने राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था।

भूपेंद्र यादवः बीजेपी में अमित शाह और पीएम मोदी के खास माने जाने वाले भूपेंद्र यादव संगठन के जानेमाने चहेरा हैं। राजस्थान कोटे से उनको मंत्री बनाया जा सकता है। वह राज्यसभा सदस्य हैं। 

अश्विनी वैष्णवः ओडिशा कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी अश्विनी वैष्णव ने 2019 में बीजेपी ज्वाइन की थी। 

वरूण गांधीः संजय गांधी और मेनका गांधी के पुत्र वरुण गांधी को भी मंत्रीपद दिया जा सकता है। वह पीलीभीत से बीजेपी के सांसद हैं। 

जामयांग नामग्यालः नामग्याल बीजेपी के लद्दाख यूनिट के अध्यक्ष हैं। युवा सांसद उस समय चर्चा में आए थे, जब जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया था, तब उन्होंने इस बंटवारे का संसद में बेहद दमदारी के साथ समर्थन किया था।