बेंगलुरु में दो किशोरों ने अपनी मां के ड्राइवर से अवैध संबंध के बारे में कोर्ट में गवाही दी है। जिसके आधार पर कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दे दी है। दोनों बच्चों ने अपनी मां के ड्राईवर से अवैध संबंध के बारे में कोर्ट में गवाही दी। जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दे दिया।  

बेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में दो किशोरों ने अपनी मां के ड्राइवर से अवैध संबंध के बारे में कोर्ट में गवाही दी है। उनके इस बयान को कोर्ट ने माता-पिता के बीच तलाक का अहम सबूत माना है। इन किशोरों ने कहा कि उनकी मां कमला (बदला नाम) उन्‍हें एक आइसक्रीम पार्लर में ले गईं। इस दौरान मां ने अपने प्रेमी को किस किया। इन किशोरों ने कहा है कि वे अपनी मां के साथ नहीं रहना चाहते हैं क्‍योंकि उन्‍हें अपने भविष्‍य और जान का खतरा है।

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दूर बैठाकर, प्रेमी को किया किस 

इससे पहले 11 अक्‍टूबर 2003 को अंकोला की कोर्ट ने बच्‍चों के बयान के आधार पर नरेश के पक्ष में फैसला दिया था। इस फैसले को कमला ने चुनौती दी थी ज‍ि‍से बच्‍चों की गवाही के आधार पर हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बच्‍चों ने कहा था कि उनकी मां अपने प्रेमी के साथ उन्‍हें आइसक्रीम पार्लर ले गईं और उन्‍हें अपने से 15 फुट दूर बैठाया। साथ ही कहा कि हमें (मां और प्रेमी) न देखें। बच्‍चों ने बताया कि इसके बाद मां ने उनके सामने अपने प्रेमी को किस किया और गले लगाया।

कोर्ट ने खारिज कर दी याचिका 

न्‍यायमूर्ति पीबी बजंत्री और नजराज रंगास्‍वामी ने लड़की, उसके भाई के साक्ष्‍यों, उनके पिता नरेश के पूरी घटना के बारे में बताने और अन्‍य गवाहों के साक्ष्‍यों के आधार पर माना कि कमला बहुत क्रूर महिला है और वैवाहिक जीवन की तबाही के लिए वह खुद ही जिम्‍मेदार है। कोर्ट ने कमला के तलाक को रोकने के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया। नरेश और कमला की दिसंबर 1993 में शादी हुई थी।

(प्रतिकात्मक तस्वीर)