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क्या जुलाई 2021 तक निर्भया के दोषियों को नहीं होगी फांसी? बलात्कारियों ने तो ऐसी ही कोशिश की है

निर्भया (Nirbhaya) केस में चौथी बार डेथ वॉरंट जारी हुआ। 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी का वक्त तय किया गया। लेकिन इस बार भी दोषी कोई न कोई याचिका लगाकर तारीख टालने की फिराक में हैं।  

Mukesh filed petition against advocate Vrinda Grover Nirbhaya case kpn
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New Delhi, First Published Mar 6, 2020, 3:36 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया (Nirbhaya) केस में चौथी बार डेथ वॉरंट जारी हुआ। 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी का वक्त तय किया गया। लेकिन इस बार भी दोषी कोई न कोई याचिका लगाकर तारीख टालने की फिराक में हैं। दोषी मुकेश ने तो इसकी शुरुआत भी कर दी। उसने सुप्रीम कोर्ट में अपने ही वकील के खिलाफ याचिका लगा दी। आपराधिक केस चलाने की भी अपील की।

दबाव डालकर क्यूरेटिव पिटीशन डलवाने का आरोप
दोषी मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लगाई गई याचिका में अपनी पूर्व वकील वृंदा ग्रोवर (lawyer Vrinda Grover) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उस पर दबाव डालकर क्यूरेटिव पिटीशन जल्दी दाखिल करवाई है। जबकि यह याचिका दायर करने के लिए काफी समय बचा था। 

जुलाई 2021 तक दिया जाए मौका
दोषी मुकेश ने मांग की है कि उसे फिर से क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका दाखिल करने के लिए जुलाई 2021 तक का मौका दिया जाए। मुकेश ने यह भी मांग की है कि वकील वृंदा ग्रोवर पर आपराधिक साजिश रचने और विश्वासघात करने की दफाओं के तहत मुकदमा चलाया जाए। यह याचिका मुकेश के वकील मनोहर लाल शर्मा ने दाखिल की है।

दोषी मुकेश ने बदला था वकील
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 मार्च को नया डेथ वॉरंट जारी कर दिया। लेकिन उससे पहले दोषी मुकेश ने अपना वकील बदल लिया था। वकील मनोहर लाल शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आर भानुमति के सामने पक्ष रखा।

चार बार जारी हो चुका है डेथ वॉरंट
दोषियों को फांसी देने के लिए चौथी बार डेथ वॉरंट जारी हुआ। पहली बार 7 जनवरी को डेथ वॉरंट जारी हुआ था, जिसके मुताबिक 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी देने का आदेश दिया गया। इसके बाद दूसरा डेथ वॉरंट 17 जनवरी को जारी हुआ, दूसरे डेथ वॉरंट के मुताबिक, 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देना का आदेश था। फिर 31 जनवरी को कोर्ट ने अनिश्चितकाल के लिए फांसी टाली दी। तीसरा डेथ वॉरंट 17 फरवरी को जारी हुआ। इसके मुताबिक 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी का आदेश दिया गया। फिर चौथी बार डेथ वॉरंट 5 मार्च की जारी हुआ। इसके मुताबिक, 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी दी जाएगी।

क्या है निर्भया (Nirbhaya) गैंगरेप और हत्याकांड?
दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।

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