नई दिल्ली. बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन पर एनडीए की जीत के बाद मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने एक बार फिर प्रतिक्रिया दी है। राणा ने महागठबंधन की हार के लिए काफी हद तक चुनावों में पांच सीट जीतने वाले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि ओवैसी नफरत की राजनीति को बढ़ाने में भाजपा की मदद कर रहे हैं। बता दें कि उन्होंने ओवैसी को मुसलमानों का राणा सांगा भी बता दिया।

दलितों की तरह मुसलमानों को भी बस्ती के बाहर रहना पड़ेगा - राणा

दरअसल, मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने कहा कि बिहार चुनाव में उनकी (ओवैसी) पार्टी से 5 लोग जीते हैं, लेकिन उन्होंने तमाम लोगों को हराने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ओवैसी जैसे लोग मीर जाफर की तरह हैं जो कौम का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज मे नफरत खत्म करने के लिए इन्हें नहीं रोका गया तो वो दिन दूर नहीं जब मुसलमानों को दलितों की तरह बस्ती के बाहर जाकर रहना पड़ेगा।

हिंदू राष्ट्र बनाने में भाजपा की मदद कर रहे ओवैसी - राणा

यही नहीं उन्होंने ओवैसी की तुलना राणा सांगा से करते हुए कहा कि मुगलों को राणा सांगा ने बुलाया था। उसी तरह यह डेढ़ साल के अंदर ही बंगाल भी चला जाएगा भाजपा के पास। मुनव्वर राना ने कहा कि अब ओवैसी पश्चिम बंगाल जाने को कह रहा है। वह वहां भी यही करेगा। यह ओवैसी मुल्क को हिंदू राष्ट्र बनाने में भाजपा की मदद कर रहा है।

ओवैसी को राणा ने दी थी बधाई

इससे पहले बिहार चुनावों के नतीजों के बाद शायर राणा ने शायरी की चंद पंक्तियों को ट्वीट कर लिखा था कि ''मुसलमानों, तुम्हें ओवैसी की जीत और बिहार की हार मुबारक हो। मैं तो शायर हूँ मेरी बात कहां मानोगे, तुमने झुठला दिए दुनिया में पयम्बर कितने।'' मुनव्वर राणा ने पिछले कुछ सालों में कई ऐसे बयान दिए हैं, जिसपर देशभर में विवाद खड़ा हुआ है। मुनव्वर राणा के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर तमाम प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गईं हैं। मुनव्वर राणा इसके पहले भी कुछ मामलों में तीखा बोल कर चर्चा में रहे हैं।

पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं मुनव्वर राना

हाल ही में मुनव्वर राना ने फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून के बाद ऐसा बयान दिया था, जिससे विवाद हो गया था। उन्होंने अपनी विवादित प्रतिक्रिया में कहा था कि अगर कोई उनके माता-पिता या भगवान का गंदा कार्टून बनाता है, तब वे भी उसकी हत्या कर देंगे। उन्होंने कहा कि आप गॉड का कार्टून बनाइए, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे। वे मुसलमानों को चिढ़ाने के लिए पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाते हैं। किसी भी धर्म के देवी-देवताओं का अगर कार्टून बनाया जाता है तो मुझे भी बुरा लगेगा क्योंकि मैं भी इंसान हूं और हिंदुस्तानी हूं।

ओवैसी की पार्टी AIMIM ने छोड़ा प्रभाव 

दरअसल, बिहार चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने पांच सीटें जीत कर सीमांचल में गहरा प्रभाव छोड़ा है। साथ ही मिथिला एवं कोसी इलाके में भी उसका असर देखा गया। एआईएमआईएम के ऐसे प्रदर्शन के कारण ही सीमांचल क्षेत्र में महागठबंधन के 2015 के चुनाव की तुलना में इस बार अपना प्रदर्शन बेहतर करने की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है।

सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी RJD 

बिहार चुनाव में कई घंटों की काउंटिंग के बाद आए परिणाम में महागठबंधन कुछ ही सीटों से बहुमत हासिल करने से चूक गया। महागठबंधन को 110 सीटें मिली हैं। वहीं, आरजेडी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आरजेडी को 75 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी को 74 सीटें हासिल हुईं। आरजेडी के अलावा, कांग्रेस को 19, लेफ्ट पार्टियों को 16 सीटें मिली हैं।