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अयोध्या में राममंदिर के लिए सोने की ईंट देगा मुगल शासक का वंशज, कहा, मुस्लिम हिंदुओं का साथ दें

अयोध्या में राममंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुद को बहादुर शाह जफर का वंशज बताने वाले प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन टूसी ने स्वागत किया है।

Muslims should join Hindus for Ram Temple construction, says Prince Yakub after sc verdict
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New Delhi, First Published Nov 10, 2019, 7:53 AM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या में राममंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुद को बहादुर शाह जफर का वंशज बताने वाले प्रिंस याकूब हबीबुद्दीन टूसी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब मुस्लिमों को हिंदुओं के साथ मिलकर मंदिर निर्माण में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भाईचारे की एक मिसाल पेश होगी।  

प्रिंस याकूब ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। हर किसी को इस फैसले को खुशी के साथ स्वीकार करना चाहिए। हिंदुओं और मुस्लिमों को एक साथ मिलकर राम मंदिर का निर्माण करना चाहिए। इससे धर्मनिरपेक्षता की मिसाल दुनियाभर में दिखे। 

सोने की ईंट देने के वादे पर कायम हैं प्रिंस
प्रिंस याकूब ने फैसले से पहले कहा था कि वे मंदिर निर्माण के लिए सोने की ईंट देंगे। शनिवार को उन्होंने अपनी इस बात को दोबारा दोहराया। उन्होंने कहा कि वह अपना वादा पूरा करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोने की ईंट मंदिर निर्माण के लिए देंगे। उन्होंने कहा, मैं अपने वादे पर कायम हूं, जब भी मंदिर की नींव रखी जाएगी, मैं सोने की ईंट दूंगा। 

कोर्ट ने विवादित जमीन का हक रामलला को दिया
अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इस फैसले को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की बेंच ने एकमत से सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में विवादित जमीन पर रामलला का मालिकाना हक बताया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अयोध्या में मंदिर बनाने का अधिकार दिया है। इसके अलावा मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया है। अदालत ने तीन महीने में ट्रस्ट बनाने के लिए भी कहा है। 

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