महाराष्ट्र में सरकार गठन पर मचे घमासान के बीच सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ। लेटर के साथ दावा किया गया कि सिंचाई घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने अजित पवार को क्लीन चिट दे दी है। लेकिन ACB ने बताया कि जिन केसों को आज बंद किया गया है उन केसों का महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम से कोई संबंध नहीं है।

मुंबई. महाराष्ट्र में सरकार गठन पर मचे घमासान के बीच सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हुआ। लेटर के साथ दावा किया गया कि सिंचाई घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने अजित पवार को क्लीन चिट दे दी है। लेकिन फिर कुछ देर बाद ही महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो के डीजी परमबीर सिंह ने बताया, "जिन केसों को आज बंद किया गया है उन केसों का महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम से कोई संबंध नहीं है।"

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यह लेटर वायरल हुआ

70 हजार करोड़ रुपए का सिंचाई घोटाला

अजित पवार से जुड़ी जिस मामले की बात हुई, वह 70 हजार करोड़ रुपए का सिंचाई घोटाला है। यह घोटाला विदर्भ क्षेत्र में हुआ था और महाराष्ट्र का एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) इसकी जांच कर रहा था। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि बंद किए गए इन 9 मामलों में अजित पवार आरोपी थे या नहीं। 

कांग्रेस ने साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने क्लिन चिट देने की खबर पर तुरन्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, एक नाजायज सरकार द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो को सब मुकदमे बंद करने का आदेश दिया गया। खाएंगे और खिलाएंगे भी, क्योंकि ये ईमानदारी के लिए जीरो टॉलरेंस वाली सरकार है। मोदी है तो मुमकिन है।

- उन्होंने कहा, "भाजपा-अजित पवार द्वारा महाराष्ट्र के प्रजातंत्र चीरहरण अध्याय की असलियत उजागर हो गई है।"