निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इनकार कर दिया। एपी सिंह के केस छोड़ने के बाद कोर्ट ने रवि काजी को पवन का वकील नियुक्त किया।

नई दिल्ली. निर्भया के दोषी पवन गुप्ता ने कानूनी सलाहकार रवि काजी से मिलने से इनकार कर दिया। एपी सिंह के केस छोड़ने के बाद कोर्ट ने रवि काजी को पवन का वकील नियुक्त किया। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पवन ने उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया।

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निर्भया केस में चारों दोषियों को 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी होनी है। हालांकि, अभी भी यह तय नहीं है कि इस दिन दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी या नहीं। माना जा रहा है कि कानूनी विकल्प और दांव पेंच के चलते यह तारीख भी आगे बढ़ सकती है। इससे पहले दो बार और निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट जारी हुआ था, हालांकि, विकल्पों के चलते यह आगे बढ़ गया। 

पवन के पास हैं दो विकल्प
निर्भया के चारों दोषियों में से सिर्फ पवन ही ऐसा है, जिसपर दो विकल्प बचे हैं। मुकेश के पास कोई विकल्प नहीं बचा। विनय की दया याचिका और क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो चुकी है। अक्षय की क्यूरेटिव और दया याचिका खारिज हो चुकी है। वहीं, पवन के पास अभी क्यूरेटिव और दया याचिका के दोनों विकल्प बचे हैं।

7 साल पहले निर्भया के साथ हुई थी दरिंदगी
16 दिसंबर, 2012 की रात में 23 साल की निर्भया से दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 6 लोगों ने दरिंदगी की थी। साथ ही निर्भया के साथ बस में मौजूद दोस्त के साथ भी मारपीट की गई थी। दोनों को चलती बस से फेंक कर दोषी फरार हो गए थे। इसके बाद निर्भया का दिल्ली के अस्पताल में इलाज चला था। जहां से उसे सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। 29 दिसंबर को निर्भया ने सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।