पटना. बिहार में चुनाव के नतीजों के बाद नीतीश कुमार सीएम बनने जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। नीतीश कुमार सांतवी बार सीएम पद की शपथ लेंगे । साल 2000 में उन्होंने पहली बार सीएम पद की शपथ ली थी। 

एनडीए को चुनाव में 125 सीटें मिलीं। वहीं, महागठबंधन ने 110 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा ने 74 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, जदयू को 43 सीटें मिलीं। हालांकि, भाजपा ने चुनाव से पहले ही साफ कर दिया था कि चाहें परिणाम कुछ भी आएं, लेकिन नीतीश कुमार ही एनडीए के मुख्यमंत्री चेहरा होंगे।  

मनोज झा ने कहा, जनादेश आपके खिलाफ है
आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा, सचमुच जनता मालिक है लेकिन उस जनता ने देखिए आपकी क्या स्थिति कर दी? नीतीश जी 40 सीट लेकर फिर से CM बनने का सपना देख रहें। यदि आप जनादेश का विश्लेषण करें तो यह निर्णायक रूप से आपके खिलाफ है। उसके बावजूद आप कुर्सी पर बैठते हैं तो ये मोह आपकी कितनी दिन चलेगी ये ईश्वर जानता है।  

कांग्रेस महासचिव तारिक अनवर ने कहा, बिहार की जनता एक तरीके से मन बना चुकी थी, लेकिन हमसे कहीं न कहीं चूक हुई है। कोई भी फैसला करने से पहले बिहार में अपने शीर्ष नेतृत्व, चुनाव उम्मीदवारों, हमारी ज़िला कांग्रेस समितियों के साथ चर्चा करेंगे और हाई कमान को अवगत कराएंगे। 

बुधवार देर शाम को नीतीश कुमार ने नतीजों पर पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, जनता मालिक है और उन्होंने एनडीए को पूर्ण बहुमत दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव के दौरान सहयोग के लिए शुक्रिया।

नीतीश कुमार ने कब-कब ली सीएम पद की शपथ?

  • पहली बार- नीतीश कुमार सबसे पहले 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, बहुमत ना होने के चलते उनकी सरकार सिर्फ 7 दिन में ही गिर गई थी।
  • दूसरी बार- नीतीश कुमार ने 2005 में 24 नवंबर को दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली।
  • तीसरी बार- 26 नवंबर 2010 को वे तीसरी बार सीएम बने।इसके बाद नीतीश कुमार नरेंद्र मोदी को एनडीए का प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाए जाने के विरोध में एनडीए से बाहर आ गए। हालांकि, लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने सीएम पद छोड़ दिया और जीतनराम मांझी को कुर्सी पर बैठाया।
  • चौथी बार- 22 फरवरी 2015 को चौथी बार मुख्यमंत्री बने।
  • पांचवीं बार- अगले चुनाव में वे आरजेडी के साथ गठबंधन में 20 नवंबर 2015 को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने।
  • छठवीं बार- हालांकि, आरजेडी के साथ यह गठबंधन 2 साल से ज्यादा नहीं चल सका। उन्होंने 2017 में लालू की पार्टी से नाता तोड़ दिया और वे इसके बाद एनडीए के साथ आ गए। नीतीश कुमार 27 जुलाई 2017 को छठी बार मुख्यमंत्री बने।