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महाराष्ट्र में कोविड केयर रेलवे कोचों में एक भी मरीज नहीं किया गया भर्ती, आरटीआई में खुलासा

एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र में कोई भी कोरोना का मरीज कोविड केयर के लिए बनाए गए रेलवे कोचों में भर्ती नहीं किया गया। राज्य में रेलवे के 900 कोचों को कोरोना कोविड केयर में तब्दील किया गया था। वेस्टर्न रेलवे और सेंट्रल रेलवे ने कोच को कोविड केयर सेंटर में बदलने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए थे।

Not a single patient admitted in Covid care coaches in Maharashtra, reveals RTI KPP
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New Delhi, First Published Oct 25, 2020, 1:46 PM IST
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मुंबई. एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र में कोई भी कोरोना का मरीज कोविड केयर के लिए बनाए गए रेलवे कोचों में भर्ती नहीं किया गया। राज्य में रेलवे के 900 कोचों को कोरोना कोविड केयर में तब्दील किया गया था। वेस्टर्न रेलवे और सेंट्रल रेलवे ने कोच को कोविड केयर सेंटर में बदलने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए थे।

रेलवे बोर्ड से मार्च में अनुमति मिलने के बाद केंद्रीय रेलवे ने महाराष्ट्र में इमरजेंसी के लिए 3.8 करोड़ रुपए खर्च करके 482 कोच, जबकि वेस्टर्न रेलवे ने 2 करोड़ खर्च कर 410 कोचों को कोविड केयर सेंटर बनाया था।

एक कोच को तब्दील करने में 85 हजार हुए खर्च
ठाणे के रविंद्र भगत ने आरटीआई दाखिल की थी। इसके जवाब में केंद्रीय रेलवे और वेस्टर्न रेलवे ने यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, एक कोच को वार्ड बनाने में करीब 85000 रुपए का खर्च आया था। इसके अलावा दोबारा इन वार्डों को कोचों में तब्दील करने में खर्च आएगा।

पैसा बर्बाद गया, ये कहना गलत- रेलवे
रेलवे अफसरों का कहना है कि यह कहना गलत होगा कि यह पैसा बर्बाद गया। यह जरूरत के मुताबिक, यह इमरजेंसी प्लान था। पूरे देश में 5000 कोचों को वार्डों में तब्दील किया गया था। इनमें 80000 बेडों की व्यवस्था की गई थी। इन कोचों का इस्तेमाल सिर्फ दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में किया गया। इन 3 राज्यों में करीब 933 मरीज भर्ती कराए गए थे।

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