चीन से लगी सीमा पर सर्दी के मौसम के लिए तैयारी तेज की गई है। जवानों तक राशन और अन्य सामान पहुंचाने के लिए थल सेना और वायु सेना ने मिलकर ऑपरेशन हरक्यूलिस (Operation Hercules) चलाया।

नई दिल्ली। थल सेना (Indian Army) और वायु सेना (Indian Air Force) ने चीन से लगी सीमा पर सर्दी के मौसम के लिए तैयारी तेज कर दी है। सीमा की रक्षा के लिए तैनात जवानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसके लिए खास ऑपरेशन (Operation Hercules) चलाया गया। इस दौरान माल वाहक विमानों से राशन और अन्य सामान को उत्तरी क्षेत्र (Northern Sector) में पहुंचाया गया।

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15 नवंबर को चलाए गए इस ऑपरेशन में आने वाले सर्दी के मौसम को देखते हुए जरूरी सामानों को सीमा क्षेत्रों में पहुंचाया गया। पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स और अन्य सभी टकराव वाले जगहों से सैनिकों की वापसी के संबंध में भारत और चीन के बीच सहमति नहीं बनने के चलते यह ऑपरेशन चलाने का फैसला लिया गया। सितंबर में दोनों देशों की सेनाओं के कोर कमांडरों की 13 राउंड बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके चलते भारतीय सेना को सर्दी के मौसम में भी सीमा पर सैनिकों की तैनाती रखने का फैसला लेना पड़ा।

वायु सेना की क्षमता की हुई जांच
सर्दी के मौसम में पूरे इलाके का सड़क संपर्क 4-5 महीने के लिए कट जाता है। इसके चलते सेना को पर्याप्त राशन और अन्य सामान जुटाना पड़ता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार सेना ने ऑपरेशन हरक्यूलिस के दौरान वायु सेना के C-17, IL-76 और AN-32 विमानों का इस्तेमाल किया। इन विमानों ने पश्चिमी वायु कमान के एक फॉर्वर्ड बेस से उड़ान भरी। ऑपरेशन के दौरान इस बात की भी जांच हुई कि जरूरत पड़ने पर वायु सेना कितनी तेजी से सामान सीमा तक पहुंचा सकती है।

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