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वैक्सीन पर अच्छी खबर: 10 दिन में रेगुलेटर को ट्रायल डेटा सौंप देगी ये कंपनी, अगले महीने से लगने लगेगा टीका

भारत में फाइजर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है। बताया जा रहा है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड के अंतिम फेज के क्लिनिकल ट्रायल्स के डेटा को दिसंबर के अंत तक रेगुलेटर को सौंप देगी।

Oxford COVID 19 vaccine Serum Institute likely to submit final Covishield trial data within 10 days KPP
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New Delhi, First Published Dec 15, 2020, 7:17 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में फाइजर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है। बताया जा रहा है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड के अंतिम फेज के क्लिनिकल ट्रायल्स के डेटा को दिसंबर के अंत तक रेगुलेटर को सौंप देगी। अगर सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी के पहले हफ्ते में कोवीशील्ड को इमरजेंसी अप्रूवल मिल सकता है। यानी जनवरी से वैक्सीनेशन भी शुरू हो सकता है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  सीरम इंस्टीट्यूट अगले 10 दिन में क्लिनिकल ट्रायल्स के डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इडिया को सौंप देगा। दरअसल, ड्रग रेगुलेटर सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की पिछले हफ्ते बैठक हई थी। इस बैठक में तीनों वैक्सीन के इमरजेंसी अप्रूवल को लेकर चर्चा हुई थी। कमेटी ने वैक्सीन कैंडिडेट्स के अप्रूवल पर सवाल उठाए थे और कंपनियों से जवाब मांगा था। 

क्या होता है इमरजेंसी अप्रूवल?
वैक्सीन, दवाओं, डायग्नोस्टिक टेस्ट्स और मेडिकल डिवाइसेज के लिए इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन लिया जाता है। भारत में इसके लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) रेगुलेटरी बॉडी है। CDSCO वैक्सीन और दवाओं के लिए उनकी सेफ्टी और असर के आकलन के बाद ऐसा अप्रूवल देता है।

सामान्य तौर वैक्सीन को अप्रूवल मिलने में कई साल लग जाते हैं। लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए आपातकालीन स्थितियों में दुनियाभर के कई देशों में वैक्सीन और दवाइयों के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

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