"पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे।"

नई दिल्ली. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से लेकर सीबीआई हिरासत के सफर में एक महिला की अहम भूमिका रही, वो महिला कोई और नहीं बल्कि इंद्राणी मुखर्जी है। इसके बयान पर चिदंबरम को जेल का मुंह ताकना पड़ा। हालांकि, इंद्राणी तो खुद की बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। इंद्राणी के एक बयान पर देश की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है। इस मामले को हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने पी चिदंबरम को राहत देने से इंकार कर दिया है। आइये जानते हैं कौन हैं इंद्राणी मुखर्जी, जिसने चिदंबरम को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिकंजे में पहुंचा दिया है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

INX मीडिया की सीईओ हैं इंद्राणी मुखर्जी 

इंद्राणी मुखर्जी एक पूर्व मानव संसाधन सलाहकार और मीडिया कार्यकारी है। उसने दो शादी की है। इंद्राणी, पहले पति संजीव खन्ना 1993-2002 और दूसरे पति पीटर मुखर्जी 2002-2017 तक साथ रही। पीटर रिटायर्ड इंडियन टेलीविजन एक्जक्यूटिव हैं। वह 1997 से 2007 के बीच स्टार भारत के सीईओ भी रहे। उन्होंने 2007 में INX मीडिया की शुरुआत की थी। इसमें इंद्राणी ने सीईओ की भूमिका निभाई थी। 2009 में दोनों ने INX मीडिया से इस्तीफा दे दिया। इसके पहले इंद्राणी एचआर कंसल्टेंट और मीडिया एक्जक्यूटिव भी रह चुकी थी।

बेटी के मर्डर केस में है नाम

इंद्राणी मुखर्जी और उनके प्रेमी सिद्धार्थ दास की बेटी शीना बोरा के मर्डर केस में वो पुलिस की हिरासत में है। शीना बोरा मुंबई मेट्रो में काम करती थी, जो कि 24 अप्रैल 2012 से वह लापता थी। 23 मई 2012 को शीना बोरा का शव रायगढ़ जिले के एक जंगल में स्थानीय लोगों को मिला था। शव को हत्या के बाद जंगल में दफनाने की कोशिश की गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने शव को कब्र से बाहर निकाला और उसका पोस्टमार्टम करवाया, उसके बाद दोबारा दफना दिया। तब तक शव की पहचान नहीं हो पाई थी। 2015 में मुंबई में शीना बोरा की हत्या का मामला दर्ज होने पर शव की पहचान हो पाई थी। हालांकि, इंद्राणी उसे अपनी बहन बताती है। 

दिल्ली में हुई थी चिदंबरम से मुलाकात

इंद्राणी मुखर्जी ने एजेंसी को बताया, "आईएनएक्स मीडिया द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को आवेदन दिए जाने के बाद वह अपने पति और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ चिदंबरम से मिलने उनके दिल्ली के उत्तरी ब्लॉक ऑफिस में गई थी।"

बेटे कार्ति चिदंबरम की बिजनेस में मांगी थी मदद 

"पीटर ने पी चिदंबरम के साथ बातचीत शुरू की और एफडीआई लाने के लिए आईएनएक्स मीडिया के आवेदन का जिक्र किया। आवेदन की एक कॉपी उन्हें (चिदंबरम) भी दी। इस मुद्दे को समझने के बाद पूर्व वित्त मंत्री ने पीटर से कहा कि वह बेटे कार्ति को उसके व्यवसाय में मदद करें। 2008 में जब उन्हें एफआईपीबी अप्रूवल से जुड़ी कंपनी की कथित अनियमितताओं के बारे में पता चला तो पीटर ने फैसला किया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मिलना चाहिए।" 

कार्ति ने 1 मिलियन डॉलर की मांग की

"पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे।" इंद्राणी ने ईडी को बताया, "वो कार्ति से दिल्ली के एक होटल में मिली थी। कार्ति ने पूछा कि क्या मामले को सुलझाने के लिए $ 1 मिलियन उनके या उनके सहयोगियों के विदेशी खाते में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। तब पीटर ने कहा कि विदेशी ट्रांसफर संभव नहीं है। तब उन्होंने भुगतान करने के लिए दो फर्मों 'चेस मैनेजमेंट' और 'एडवांटेज स्ट्रेटजिक' के नाम सुझाए।"