संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी। कश्मीर मुद्दे पर उसे सिर्फ चीन का समर्थन मिला। यूएन में बंद दरवाजे में हुई बैठक के बाद एक शख्स ऐसे हैं, जिन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

नई दिल्ली. संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी। कश्मीर मुद्दे पर उसे सिर्फ चीन का समर्थन मिला। यूएन में बंद दरवाजे में हुई बैठक के बाद एक शख्स ऐसे हैं, जिन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हम बात कर रहे हैं यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन की। जिनकी हाजिर जवाबी, कूटनीतिक जवाब और तथ्यों ने पाकिस्तान के पत्रकारों को भी निरुत्तर कर दिया। लेकिन दूसरी ओर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अपनी ही मीडिया पर भड़क गए।

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दरअसल, बैठक के बाद भारतीय राजनयिक सैयद अकबरुद्दीन ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने पूछा कि दोनों देशों के बीच बातचीत कब होगी। तो अकबरुद्दीन ने उस पत्रकार के पास जाकर दोस्ती का हाथ मिलाया। उन्होंने कहा कि मैं आपसे रूबरू होकर इसकी शुरुआत करता हूं।

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भारत से बातचीत के सवाल पर भड़के कुरैशी
जब अकबरुद्दीन कश्मीर मसले पर हाजिरजवाबी से पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। उसी वक्त कुरैशी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान उनसे जब एक महिला पत्रकार ने पूछा कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए क्या आप भारतीय समकक्ष से बातचीत कर सकते हैं। इस सवाल पर कुरैशी ने कहा, आप यह मानती हैं कि मैं भारत से बातचीत करूं। जब वह कश्मीरियों को खंजर मार रह हैं, मैं उनसे बातचीत करूं। हरगिज नहीं। भारत जब तक कर्फ्यू नहीं हटाता। मैं उनसे बातचीत नहीं करूंगा। वे कातिल हैं। पाकिस्तान ने जितना सब्र दिखाया, इतना कभी नहीं हुआ।

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