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पाकिस्तान के मनसूबों पर फिरा पानी, करतारपुर कॉरिडोर से नहीं हो रही मोटी कमाई

करतारपुर गलियारा शुरू होने के बाद पहले तीन दिन में गुरुद्वारा दरबार साहिब तक केवल एक हजार लोग गए हैं। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि इस गलियारे से रोजाना 5000 हजार लोग आएंगे और पाकिस्तान को हर दिन एक लाख डॉलर की कमाई होगी।

Pakistan is not earning big money from Kartarpur corridor, these are reasons
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Kartarpur, First Published Nov 12, 2019, 10:14 PM IST
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करतारपुर. करतारपुर गलियारा शुरू होने के बाद पहले तीन दिन में गुरुद्वारा दरबार साहिब तक केवल एक हजार लोग गए हैं। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि इस गलियारे से रोजाना 5000 हजार लोग आएंगे और पाकिस्तान को हर दिन एक लाख डॉलर की कमाई होगी। पाकिस्तान ने पहले बिना पासपोर्ट के भी लोगों को करतारपुर जाने की अनुमति देने का वादा किया था, पर बाद में पाकिस्तान अपने इस वादे से मुकर गया। इसी वजह से भारत के ज्यादातर श्रद्धालू करतारपुर नहीं जा पा रहे हैं। लोगों का मानना है कि ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी का अभाव, पासपोर्ट की जरूरत और पाकिस्तान की ओर से 20 डॉलर का सेवा शुल्क वसूला जाना इसके लिए जिम्मेदार है।

तीन दिन में सिर्फ 897 श्रद्धालू पहुंचे करतारपुर 
लोगों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान जाने के बाद अमेरिका और अन्य देशों का वीजा नहीं मिलने के डर के कारण भी लोग और विशेष कर युवा वहां बड़ी तादाद में नहीं जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौ नवंबर को किये गए इस गलियारे के भव्य उद्घाटन के बाद शुरुआती तीन दिन में केवल 897 श्रद्धालु करतारपुर गलियारे के माध्यम से करतारपुर साहिब गए । इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर एक आव्रजन अधिकारी ने यहां बताया कि 10, 11 और 12 नवंबर को क्रमश: 229, 122 और 546 श्रद्धालु करतारपुर गए हैं ।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और वीजा है समस्या 
ये उन संख्याओं से काफी कम हैं, जिन पर भारत और पाकिस्तान सहमत हुए थे। दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था कि रोज पांच हजार श्रद्धालु ऐतिहासिक गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिये सीमा पार कर सकते हैं। इस बारे में बटाला के बरिंदर सिंह (33) बताते हैं कि ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली के कारण करतारपुर साहिब जाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है । लोगों का कहना है कि उन्हें पंजीयन प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है और जिनको इस बारे में जानकारी है उनके लिए भी यह थोड़ा जटिल है । सिंह का कहना है, ‘‘आनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के लिए सरकार को निश्चित तौर पर सहायता मुहैया करानी चाहिए ।’’ उन्होंने करतारपुर गलियारे के माध्यम से यात्रा करने वालों के लिये पासपोर्ट की जरूरत पर भी सवाल उठाया ।

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