Asianet News HindiAsianet News Hindi

जिस Parambir को देश की सबसे सशक्त एजेंसी NIA ढूंढ़ती रह गई, SC ने एक बार में पता लगाया, दी अरेस्ट से राहत

चार दिन पहले, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था और उनसे पूछा था कि पहले बताएं कि वह कहां हैं। सोमवार को उनके अधिवक्ता ने जानकारी दी कि वह भारत में ही हैं। 

Parambir Singh get arrest relief from Supreme court, Court orders to participate in investigation of Police and agencies in extortion cases DVG
Author
New Delhi, First Published Nov 22, 2021, 1:48 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली। अक्टूबर से लापता मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह (Parambir Singh) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गिरफ्तारी से बचा लिया है। फरार चल रहे पूर्व पुलिस कमिश्नर को कोर्ट ने आदेश दिया है कि वह सामने आएं और उनके खिलाफ चल रहे जबरन वसूली के मामले की जांच में एजेंसियों व पुलिस का सहयोग करें। सुप्रीम कोर्ट को परमबीर सिंह के वकील ने बताया कि वह फरार नहीं है और भारत में है।

बता दें कि चार दिन पहले, सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारी परमबीर सिंह को गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था और उनसे पूछा था कि पहले बताएं कि वह कहां हैं। सोमवार को उनके अधिवक्ता ने जानकारी दी कि वह भारत में ही हैं। सुप्रीम कोर्ट को परमबीर सिंह के वकील ने बताया कि उनके मुवक्किल कहीं भागना नहीं चाहते हैं लेकिन उनके जीवन के लिए खतरा है। 

अधिवक्ता के माध्यम से परमबीर ने की अपील

परमबीर सिंह ने अपने अधिवक्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि उनको सिस्टम पर पूरा भरोसा है। वह सीबीआई कोर्ट के सामने पेश होने के लिए तैयार हूं। उनको परेशान किया जा रहा है। बताया कि उनके खिलाफ छह मामले हैं और वह पीड़ित हैं। परमबीर सिंह की ओर से अधिवक्ता ने अदालत से गुजारिश की कि कृपया उन्हें सुरक्षा दें। वह सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थे और कहीं भागने वाले नहीं हैं।

कोर्ट ने कहा कि जांच में शामिल हों, अरेस्ट न किया जाए

वकील की बात सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'अधिकारी जांच में शामिल होगा लेकिन गिरफ्तार नहीं होगा।' श्री सिंह के वकील ने कहा कि जैसे ही वह महाराष्ट्र जाएंगे, उन्हें मुंबई पुलिस से खतरा होगा। सटोरियों और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस पर जस्टिटस एसके कौल ने सवाल किया कि अगर मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त कहते हैं कि उन्हें मुंबई पुलिस से खतरा है तो यह किस तरह का मैसेज है।

कोर्ट की सख्ती के बाद सामने आने को राजी हुए परमबीर

गुरुवार को पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि श्री सिंह कहां हैं। अदालत ने कहा था, "आप कहां हैं? आप इस देश में हैं या बाहर? किसी राज्य में? आप कहां हैं? हम बाकी के पास आएंगे। पहले हमें यह जानना होगा कि आप कहां हैं।" श्री सिंह के वकील ने तर्क दिया था कि यदि उन्हें "साँस लेने की अगर अनुमति दी जाए" तो वह "सामने आ सकते हैं"। न्यायाधीशों ने तीखा जवाब दिया कि आपको सिस्टम में विश्वास की कमी है ऐसा दिख रहा है। वह पुलिस कमिश्नर थे, लेकिन हम उनके साथ कोई अलग व्यवहार नहीं करने जा रहे हैं। वह सुरक्षा मांग रहे हैं। लेकिन जबतक वह सामने नहीं आएंगे तबतक कोई राहत नहीं दी जा सकती है। 

ठाणे पुलिस ने जारी किया है लुकआउट नोटिस

पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Parambir Singh) के खिलाफ थाणे पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। जबरन वसूली व भ्रष्टाचार के केस में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर व अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। परमबीर सिंह के खिलाफ सोनू जालान और केतन तन्ना ने 30 जुलाई को केस दर्ज कराया था। ठाणे पुलिस स्टेशन में की गई शिकायत के अनुसार तन्ना और सोनू जालान को झूठे केस में फंसाकर गिरफ्तार किया गया था और फिर परमबीर सिंह की शह पर उनसे वसूली की गई। केतन और सोनू ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही थी तो उन लोगों ने सरकार के पास न्याय की गुहार लगाई थी। 

परमबीर सिंह के खिलाफ एसआईटी जांच चल रहा

परमबीर सिंह के खिलाफ जुलाई में महाराष्ट्र के गृह विभाग ने सात सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। एसआईटी का नेतृत्व एक डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपा गया था। एसआईटी परमबीर सिंह के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करेगी। 

परमबीर सिंह सहित पांच लोगों डीसीपी पराग मनेरे, संजय पुनमिया, सुनील जैन और मनोज घोटकर के खिलाफ बिल्डर शरद अग्रवाल ने मकोका को झूठा केस लगाकर पंद्रह करोड़ रुपये वसूली करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। यह केस मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।  इसी मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई है। 

एनआईए भी करना चाहती है पूछताछ

एंटीलिया मामले में NIA की ओर से 9 हजार से अधिक पन्नों की एक चार्जशीट दायर की गई है। इस चार्जशीट के अनुसार सचिन वझे के करतूतों की पूरी जानकारी परमबीर सिंह को थी। चार्जशीट के आरोपों की पुष्टि के लिए एनआईए एक बार परमबीर सिंह से पूछताछ करना चाहती है। लेकिन परमबीर सिंह समन के बाद भी नहीं आए। बताया जा रहा है कि दो बार समन भेजने पर कोई रिसीव तक नहीं किया। 

महाराष्ट्र पुलिस केंद्रीय गृहमंत्रालय के साथ मिलकर खोज रही थी

परमबीर सिंह को एनआईए के अलावा महाराष्ट्र पुलिस (Maharashtra Police) भी ढूंढ रही है। राज्य के गृहमंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने बीते दिनों कहा था कि पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह (EX Police Commissioner Parambir Singh) को पुलिस खोज रही है। आशंका जताई जा रही है कि वह विदेश फरार हो गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर हम उनकी तलाश में लगे हुए हैं। 

कौन हैं परमबीर सिंह?

परमबीर सिंह महाराष्ट्र के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। मुंबई के कमिश्नर रहे हैं। बीते दिनों परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस कमिश्नर पद से सरकार ने हटा दिया था। मुंबई से हटने के बाद परमबीर सिंह ने राज्य के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य देने का आरोप लगाया था। 

पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के आरोपों के बाद सरकार के कद्दावर मंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) को कुर्सी गंवानी पड़ी थी। 100 करोड़ रुपये वसूली के लक्ष्य मामले में बाम्बे हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले में जांच का आदेश दे दिया था। सीबीआई जांच के आदेश के बाद ईडी भी सक्रिय हो गई थी। 

यह भी पढ़ें:

Farm Laws: सिंघु बार्डर पर निर्णय-पीएम मोदी को लिखेंगे खुला पत्र, पूछा टेनी को क्यों नहीं किया जा रहा बर्खास्त

Governor Bgdr. BD Mishra बोले: 1962 का उलटफेर कमजोर नेतृत्व की देन, अब हमारे पास दुनिया की शक्तिशाली सेना

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios