तिरुवनंतपुरम. केरल के मुख्यमंत्री, उनके तीन मंत्री और स्पीकर को राज्य में गोल्ड स्मगलिंग की जानकारी पहले से थी। यह बात कस्टम डिपार्टमेंट ने केरल हाईकोर्ट में गोल्ड स्मगलिंग केस की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के हवाले से कही। केरल में अगले महीने विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में कस्टम विभाग का यह खुलासा काफी अहम माना जा रहा है। 

कस्टम विभाग ने बताया, मामले में आरोपी स्वप्ना सुरेश ने दावा किया है कि सीएम के पूर्व मुख्य सचिव एम शिवशंकर, एक अन्य आईएएस अफसर की राजनेताओं, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों, स्मगलिंग सिंडिकेट से लिंक थी। सुरेश ने कहा, उसे अरबी भाषा आती थी, इसलिए उसे बैठकों में उनके संवाद को अनुवाद करने के लिए बुलाया जाता था। 

अवैध कामों की थी विजयन को जानकारी
कस्टम विभाग ने केरल हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में कहा कि स्वप्ना सुरेश ने अपने बयान में कहा है कि उसने सीएम विजयन के कहने पर ही विदेशी मुद्रा की तस्करी की थी। इतना ही नहीं सुरेश ने केरल विधानसभा अध्यक्ष और विजयन मंत्रिमंडल के तीन सदस्यों के खिलाफ अवैध पैसों के लेनदेन के आरोप भी लगाए हैं।

सीपीआई करेगी कस्टम विभाग का विरोध
सीपीआई (एम) ने शनिवार को प्रमुख शहरों में शनिवार को कस्टम विभाग के दफ्तरों के सामने धरना करने का ऐलान किया है। सत्ताधारी का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियां राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए यह प्रयास कर रही है। 

वहीं, स्वप्ना सुरेश ने जिन तीन मंत्रियों का नाम लिया। उनमें राज्य के शिक्षा मंत्री केटी जलील का भी नाम है। इस पर जलील ने कहा, 'कोई भी आरोपी के बयान का हवाला नहीं दे सकता। मुझसे अलग-अलग एजेंसियों द्वारा कई बार पूछताछ की गई और वे मेरे खिलाफ कोई सबूत पेश करने में विफल रहे। इन गलत आरोपों का भी यही हश्र होगा। 

भाजपा और कांग्रेस ने साधा निशाना
वहीं, कस्टम विभाग के इस खुलासे के बाद भाजपा और कांग्रेस राज्य सरकार पर निशाना साध रही है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगा है। कांग्रेस ने कहा कि उन्होंने राज्य को बदनाम किया, इसलिए उन्हें सरकार में रहने का हक नहीं है। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि सीएम और उनके मंत्री इस मामले में सीधे तौर पर शामिल हैं। अब विजयन को सत्ता में नहीं रहना चाहिए। 

क्या है मामला ?
तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर कस्टम अफसरों ने 3 जुलाई को कार्गो फ्लाइट से 30 किलो सोना जब्त किया था। यह सोना यूएई के वाणिज्य दूतावास का था। जब कस्टम विभाग ने जांच की तो इस मामले में स्वप्ना सुरेश और दूतावास के प्रतिनिधि सरीथ का नाम सामने आया था।