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दिल्ली बॉर्डर पर बैठे लोगों के पास तर्क नहीं...पीयूष गोयल ने बताया, बातचीत से क्यों बच रहे हैं किसान

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, जो लोग किसानों के हमदर्द बनकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं उनको जनता भविष्य में सबक सिखाएगी। मैंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर स्कीम में शामिल होने के लिए कहा है।  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, पंजाब सहित थोड़े से कुछ किसान भाई-बहनों के मन में नए कानूनों को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। 

Piyush Goyal said that farmers do not have logic so are not talking kpn
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New Delhi, First Published Dec 25, 2020, 3:35 PM IST
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नई दिल्ली. कृषि कानूनों पर किसान लगभग एक महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, दिल्ली बॉर्डर पर बैठे लोगों को गलतफहमियां हैं। वहां बैठे किसान एक ही इलाके से आते हैं। उन्होंने दो बार भारत बंद कराने की कोशिश की। लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। उनके पास कोई तर्क नहीं है। इसलिए वे चर्चा से भाग रहे हैं। 

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, जो लोग किसानों के हमदर्द बनकर उन्हें गुमराह कर रहे हैं उनको जनता भविष्य में सबक सिखाएगी। मैंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर स्कीम में शामिल होने के लिए कहा है।  नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, पंजाब सहित थोड़े से कुछ किसान भाई-बहनों के मन में नए कानूनों को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। मैं उनको आग्रह करता हूं कि वो इस आंदोलन को त्याग कर सरकार के वार्ता के निमंत्रण पर आएं। मुझे आशा है कि किसान नए कानून के मर्म और महत्व को समझेंगे और हम समाधान की ओर अग्रसर होंगे।  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पीएम समेत हम सब किसानों से अपील करना चाहते हैं कि बैठिए हर कानून पर हमारे साथ चर्चा कीजिए। मैंने तो यह भी अनुरोध किया है कि आप कृषि विशेषज्ञों को लाना चाहते हैं तो उन्हें भी लेकर आइए। यह सरकार बातचीत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

निर्मला सीतारमण ने कहा, अपने संबोधन में पीएम मोदी ने साफ किया है कि सरकार उन लोगों के साथ बातचीत के लिए तैयार है जिनके पास तीन नए कृषि कानूनों के बारे में कोई सवाल है। मुझे उम्मीद है, अब प्रदर्शनकारी किसान सरकार से बात करेंगे। उन्होंने कहा, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या कांग्रेस की 2019 के चुनाव घोषणापत्र में इन किसान विरोधी नीतियों का उल्लेख नहीं किया गया था? वे सिर्फ इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि पीएम मोदी द्वारा उन सुधारों को लागू किया जा रहा है।
 

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