नई दिल्ली. पीएम मोदी ने बुधवार को PRAGATI बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रो एक्टिव गवर्नेंस और सही समय पर काम के कार्यान्वयन को लेकर चर्चा हुई। यह पीएम मोदी की 33वीं बैठक थी। यह आईसीटी आधारित मल्टी मॉडल प्लेटफॉर्म है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें दोनों शामिल हैं। 

10 राज्यों की परियोजनाओं पर हुई चर्चा

बैठक में कई परियोजनाओं, शिकायतों और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। परियोजनाएं रेल मंत्रालय और बिजली मंत्रालय की थीं। कुल 1.41 लाख करोड़ रुपए की लागत वाली ये परियोजनाएं दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित थीं, जिनमें ओडिशा, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दादरा और नागर हवेली शामिल हैं। 

"समय से पहले काम पूरा करें"

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार के संबंधित सचिवों और राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वे समय से पहले काम पूरा करें।

बैठक के दौरान कोविड-19 और पीएम आवास योजना (ग्रामीण) से संबंधित शिकायतों पर भी बात की गई। प्रधानमंत्री ने राज्यों को राज्य निर्यात रणनीति विकसित करने के लिए भी कहा।

क्या है PRAGATI और इसका उद्देश्य क्या है?

पीएम मोदी ने साल 2015 में अपने महत्वाकांक्षी बहुउद्देश्यीय और बहु-मॉडल मंच PRAGATI (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) का शुभारंभ किया था। PRAGATI एक अनूठा एकीकृत और इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म है। मंच का उद्देश्य आम आदमी की शिकायतों को दूर करना है, और साथ ही साथ भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और परियोजनाओं की निगरानी और समीक्षा करना है और साथ ही राज्य सरकारों द्वारा चिह्नित परियोजनाएं भी शामिल हैं।