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गांधी के विचार से जीवन की हर चुनौतियों का सामना किया जा सकता, हमारी सरकार को मिलती है उनसे प्रेरणा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी चाहते थे कि गांवों का विकास हो लेकिन ग्रामीण जीवन के मूल्यों के संरक्षण को भी प्राथमिकता मिले। अब हम बापू की इच्छाओं को पूरा करते हुए, हमारी दृष्टि 'आत्मा गांव की, सुविधा शहर की' (गांव की आत्मा, शहर की सुविधाएं), के अनुसार काम कर रहे है। उन्होंने तमिल में नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा, 'ग्रामथिन आनामा, नागरथिन वसाथी'।

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First Published Nov 11, 2022, 6:11 PM IST

PM Modi in 36th convocation of Gandhigram Rural Institute: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी आज की तारीख में सबसे अधिक प्रासंगिक है। बापू के विचारों को आत्मसात कर हर एक चुनौतियों और संकट का सामना किया जा सकता है। केंद्र सरकार, गांधी से 'आत्मनिर्भर भारत' के आत्मनिर्भर लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए प्रेरणा हमेशा ही लेती रही है और भविष्य में उनसे प्रेरणा पाती रहेगी। गांधी के विचार हर एक जीवन में गहरा प्रभाव डालते हैं, इससे जीवन की हर चुनौतियों और बाधाओं को पार पाया जा सकता है। 

गांधी के विचार हमारी कई चुनौतियों का जवाब

प्रधानमंत्री शुक्रवार को गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। दक्षिण के चार राज्यों (कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) की यात्रा पर निकले हैं। यात्रा के पहले दिन पीएम ने बेंगलुरु में एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 का उद्घाटन किया और वंदे भारत एक्सप्रेस और भारत गौरव काशी दर्शन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद पीएम तमिलनाडु पहुंचे। तमिलनाडु के डिंडीगुल में नरेंद्र मोदी गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के 36वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। दीक्षांत समारोह में तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन आदि भी शामिल हुए। गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि चाहे संघर्षों को समाप्त करने की बात हो या जलवायु संकट, महात्मा गांधी के विचारों में आज की कई चुनौतियों का जवाब है। उन्होंने कहा कि गांधीवादी जीवन शैली के छात्रों के रूप में आपके पास एक बड़ा प्रभाव डालने का एक बड़ा अवसर है। महात्मा गांधी के विचारों को आत्मसात कर उनके बताए रास्ते पर चलकर हम उनको सबसे अच्छी श्रद्धांजलि दे सकते हैं।

खादी काफी उपेक्षित रही लेकिन उससे बनाया जा रहा आत्मनिर्भर

पीएम मोदी ने कहा कि खादी को लंबे समय से उपेक्षित किया गया था। लेकिन एक आह्वान के बाद अब खादी देश ही नहीं पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रही है। पिछले आठ वर्षों में बिक्री में 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। अब वैश्विक फैशन ब्रांड भी खादी को अपना रहे हैं क्योंकि यह पर्यावरण के अनुकूल सामग्री है। प्रधानमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी चाहते थे कि गांवों का विकास हो लेकिन ग्रामीण जीवन के मूल्यों के संरक्षण को भी प्राथमिकता मिले। अब हम बापू की इच्छाओं को पूरा करते हुए, हमारी दृष्टि 'आत्मा गांव की, सुविधा शहर की' (गांव की आत्मा, शहर की सुविधाएं), के अनुसार काम कर रहे है। उन्होंने तमिल में नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा, 'ग्रामथिन आनामा, नागरथिन वसाथी'।

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