दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा का निर्माण 8300 करोड़ रुपए की लगात से होगा। यह दिल्ली के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जंक्शन से देहरादून तक बनेगा। इसका निर्माण चार भाग में होगा। इससे क्षेत्र की समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शनिवार को उत्तराखंड में 18 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा (Delhi-Dehradun Economic Corridor) भी शामिल है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा का निर्माण 8300 करोड़ रुपए की लगात से होगा। यह दिल्ली के ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जंक्शन से देहरादून तक बनेगा। इसका निर्माण चार भाग में होगा। 

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सेक्शन एक में छह लेन की सड़क का निर्माण होगा। इसके साथ 6 लेन का सर्विस रोड भी बनेगा। इसे दो पैकेज में बनाया जाएगा। पहले पैकेजे में दिल्ली का हिस्सा है। 14.75 किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी, जिसमें 6.4 किलोमीटर एलिवेटेड होगा। दूसरे पैकेज में उत्तरप्रदेश का हिस्सा है। यहां बनने वाली 16.85 किलोमीटर लंबी सड़क में से 11.2 किलोमीटर एलिवेटेड होगा। यह हिस्सा दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे के पास अक्षरधाम मंदिर से शुरू होगा। 

सेक्शन दो में छह लेन सड़क बनेगी। इसकी पूरी लंबाई ग्रीनफील्ड होगी। सड़क उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जिलों से होकर गुजरेगी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी जारी है और संबंधित वन और पर्यावरण मंजूरी प्रस्तावों को लागू किया गया है। 

सेक्शन तीन सहारनपुर बाईपास से शुरू होकर गणेशपुर पर समाप्त होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यहां 4 लेन सड़क बनाया है। सड़क पर गाड़ियां 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चल पाएं इसके लिए अंडरपास और सर्विस रोड बनाए जा रहे हैं।

सेक्शन चार में 6 लेन की सड़क का निर्माण होगा। यह हिस्सा उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के रिजर्व फॉरेस्ट से गुजरता है। इस हिस्से के 20 किमी में से 5 किमी में ब्राउन फील्ड विस्तार है। 15 किमी में एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (12 किमी) और एक सुरंग (संरचना 340 मीटर) तक पहुंच शामिल है। इस खंड के लिए सभी वन और वन्यजीव मंजूरी प्राप्त कर ली गई है।

दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे की विशेषताएं

  • कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच की दूरी 235 किलोमीटर से घटकर 210 किलोमीटर रह जाएगी।
  • दिल्ली से देहरादून की यात्रा छह घंटे के बदले लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी।
  • पूरे कॉरिडोर पर वाहन 100 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे।
  • प्रत्येक 25-30 किमी पर सड़क किनारे सुविधाएं दी गईं हैं।
  • हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, यमुनानगर, बागपत, मेरठ और बड़ौत से कनेक्टिविटी के लिए सात प्रमुख इंटरचेंज होंगे।
  • 500 मीटर के अंतराल पर वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और 400 से अधिक जल पुनर्भरण बिंदुओं ( Water Recharge Points) की व्यवस्था होगी।

आर्थिक गलियारे के लाभ

  • क्षेत्र की समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
  • दिल्ली-देहरादून के बीच अच्छी कनेक्टिविटी होगी। आने-जाने की लागत कम होगी।
  • आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण उत्पादन और उपभोग केंद्रों के बीच जुड़ाव होगा।
  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हरिद्वार जाना आसान होगा। परियोजना से जुड़े क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास होगा।

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