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7 महीने में 5 बातें, जो बताती हैं कई राज्य गंवाने के बावजूद कम नहीं हुआ पीएम मोदी का जादू

महाराष्ट्र के बाद अब भाजपा ने झारखंड से सत्ता गंवा दी। दिसंबर 2018 से दिसंबर 2019 के बीच यह 5वां राज्य रहा जहां भाजपा वापसी नहीं कर पाई। इससे माना जाने लगा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू कम हुआ है।

PM Narendra Modi magic not diminished, five facts prove that KPP
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New Delhi, First Published Dec 24, 2019, 12:26 PM IST
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नई दिल्ली.  महाराष्ट्र के बाद अब भाजपा ने झारखंड से सत्ता गंवा दी। दिसंबर 2018 से दिसंबर 2019 के बीच यह 5वां राज्य रहा जहां भाजपा वापसी नहीं कर पाई। इससे माना जाने लगा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू कम हुआ है। लेकिन इस दरमियान कुछ ऐसी बातें भी सामने आई हैं, जिनसे इस धारणा को गलत साबित किया जा सकता है। पांच बातों से यह सिद्ध होता है कि भले ही भाजपा की सरकारें कम हुई हों लेकिन मोदी का जादू बरकरार है।

1- झारखंड में 19 साल में सबसे ज्यादा वोट मिले
झारखंड में भाजपा ने सरकार गंवा दी। हालांकि, वोट% देखकर भाजपा को थोड़ी राहत मिली होगी। 2014 की तुलना में भाजपा को इस बार 2% ज्यादा वोट मिले। हालांकि, पार्टी ने 12 सीटें गंवा दीं। 2014 में भाजपा को 37 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार यह आंकड़ा 25 रह गया। झारखंड के 19 साल के इतिहास में भाजपा को पहली बार 33.7% वोट मिले।

भाजपा का वोट% बढ़ा, सीटें कम हुईं: 2014 की तुलना में भाजपा को इस बार 2% ज्यादा वोट मिले। हालांकि, पार्टी ने 12 सीटें गंवा दीं। 2014 में भाजपा को 37 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार यह आंकड़ा 25 रह गया।

2- मोदी का सक्सेस रेट
झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सीटों पर प्रचार किया। इनमें से चार पर ही भाजपा को सीट मिली। हालांकि, सक्सेस रेट की बात करें तो पीएम मोदी का सक्सेस रेट राहुल गांधी से ज्यादा रहा। दरअसल, राहुल गांधी ने 6 सीटों पर प्रचार किया, उनमें से सिर्फ 2 में जीत मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सक्सेस रेट 40% रहा। वहीं, राहुल गांधी का 33.3% रहा।

झारखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सीटों पर प्रचार किया। इनमें से चार पर ही भाजपा को सीट मिली। हालांकि, सक्सेस रेट की बात करें तो पीएम मोदी का सक्सेस रेट राहुल गांधी से ज्यादा रहा। दरअसल, राहुल गांधी ने 6 सीटों पर प्रचार किया, उनमें से सिर्फ 2 में जीत मिली।

3- महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी
भले ही भाजपा ने महाराष्ट्र राज्य गंवा दिया हो। लेकिन कोई इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकता कि भाजपा वहां सबसे बड़ी पार्टी है। शिवसेना के साथ गठबंधन में भाजपा ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा था, इसमें पार्टी ने 105 पर जीत हासिल की। वहीं, इससे पहले 2014 में भाजपा ने अकेले 260 सीटों पर चुनाव लड़ा, 122 सीटों पर जीत हासिल की थी। 

Maharashtra Assembly elections, Vote percentage decreased in  but Congress NCP seats increased

4- हरियाणा में वोट% बढ़ा
हाल ही में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा 40 सीटें मिलीं। भाजपा ने जजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई। हालांकि, 2014 चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा को कम सीटें मिलीं, लेकिन वोट% की बात करें, तो इसमें वृद्धि देखने को मिली। 2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा को 33.3% वोट मिला। वहीं, इस विधानसभा चुनाव में भाजपा का वोट% 36.5 रहा। 

5- लोकसभा चुनाव: पहली बार किसी गैर कांग्रेसी सरकार को लगातार दो बार बहुमत मिला
2014 में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी। लेकिन यह पहली सरकार थी जब भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला था। भाजपा ने 33.1% वोट के साथ 282 सीटें हासिल की थीं। वहीं, 5 साल बाद ऐसा माना जा रहा था कि भाजपा के लिए वापसी करना आसान नहीं होगा। लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने नया रिकॉर्ड बनाया और 2014 से भी ज्यादा सीट जीतकर केंद्र में वापसी की। 2019 में भाजपा को 37.7% वोट के साथ 303 सीटें मिलीं। इसी के साथ भाजपा पहली गैर कांग्रेसी पार्टी बन गई, जिसे लगातार दो बार पूर्ण बहुमत मिला हो।

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