केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर के 2010 के एक ट्वीट का जिक्र किया। थरूर के पुराने ट्वीट को शेयर करते हुए जावड़ेकर ने इसे कृषि कानूनों पर कांग्रेस का पाखंड बताया। 2010 में शशि थरूर ने जो ट्वीट किया  अब कांग्रेस इसके ठीक विपरीत सोचती है। अपने ट्वीट में थरूर किसानों को बिचौलियों से छुटकारा दिलाने और निजी क्षेत्रों के अनाज भंडारण में प्रवेश करने की आवश्यकता की वकालत करते नजर आते हैं। 

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर के 2010 के एक ट्वीट का जिक्र किया। थरूर के पुराने ट्वीट को शेयर करते हुए जावड़ेकर ने इसे कृषि कानूनों पर कांग्रेस का पाखंड बताया। 2010 में शशि थरूर ने जो ट्वीट किया अब कांग्रेस इसके ठीक विपरीत सोचती है। अपने ट्वीट में थरूर किसानों को बिचौलियों से छुटकारा दिलाने और निजी क्षेत्रों के अनाज भंडारण में प्रवेश करने की आवश्यकता की वकालत करते नजर आते हैं। 

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थरूर के ट्वीट में क्या था?
उन्होंने लिखा था, ऐसा लगता है कि हम हर साल गेहूं के भंडारण और वितरण में ऑस्ट्रेलिया से अधिक गेहूं बर्बाद कर देते हैं। अनाज भंडारण के लिए प्राइवेट सेक्टर का दखल जरूरी है। 

जेपी नड्डा ने भी कृषि कानूनों के समर्थन में राहुल गांधी का पुराना वीडियो शेयर किया था। अपने ट्विटर हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए नड्डा ने कांग्रेस नेता पर चल रहे किसानों के विरोध पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, राहुल जी यह क्या जादू हो रहा है। अब आप उसी का विरोध कर रहे हैं जिसकी वकालत की थी। आपको देश या किसानों के हितों से कोई लेना-देना नहीं है। आपको केवल राजनीति करनी है। लेकिन यह दुर्भाग्य है कि आपका पाखंड काम नहीं करेगा। 

राहुल गांधी पुराने वीडियो में बोल रहे है, कुछ साल पहले मैं उत्तर प्रदेश की यात्रा पर आया था। एक किसान ने मुझे आलू के चिप्स के एक पैकेट के पीछे मैजिक का जिक्र किया। उसने कहा, जिस पैकेज की कीमत 10 रुपए है, वह आलू 2 रुपए प्रति किलो बेचते थे। मैंने पूछा कि उन्हें इसका क्या कारण लगता है। किसान ने कहा कि कारखाने हमसे बहुत दूर हैं और अगर हम अपनी उपज सीधे वहां बेच सकते हैं तो हमें बिना किसी कट के बिचौलियों के सारे पैसे मिल जाएंगे।